Last updated: July 17th, 2026 at 10:19 am

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने संगठन के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। इस्तीफे के साथ उन्होंने पार्टी नेतृत्व और संगठन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल भी उठाए।
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने कठिन से कठिन समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा, लेकिन अब लगातार हो रहे कथित अपमान के कारण संगठन में बने रहना संभव नहीं रह गया। उनका कहना था कि उन्होंने अपनी नाराजगी और संगठन की स्थिति से जुड़े मुद्दों को कई बार वरिष्ठ नेताओं के सामने रखा, लेकिन उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल से मुलाकात कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी और यह भी कहा कि पार्टी में अब समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है।
मृत्युंजय तिवारी ने दावा किया कि उन्होंने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को भी पार्टी के भीतर की स्थिति और अपनी शिकायतों से अवगत कराया था, लेकिन उन्हें कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसी कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
आरजेडी के पूर्व प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि संगठन में कुछ ऐसे लोग प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं, जिनके फैसलों से पार्टी को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी की कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं हुआ तो संगठन को और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि मृत्युंजय तिवारी लंबे समय से आरजेडी का प्रमुख चेहरा रहे हैं और मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष रखते रहे हैं। ऐसे में उनका इस्तीफा बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है।
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