Last updated: July 18th, 2026 at 03:21 pm

उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और आगामी पेराई सत्र की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न चीनी मिलों द्वारा किसानों को किए गए भुगतान, लंबित बकाया और आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के बकाया भुगतान में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और जिन मिलों पर भुगतान लंबित है, वे निर्धारित समय के भीतर किसानों का बकाया भुगतान सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्ष 2025-26 के पेराई सत्र के अधिकांश गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। जिन चीनी मिलों पर अभी भी कुछ राशि लंबित है, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि किसानों को समय पर भुगतान मिलना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, क्योंकि इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और अगली फसल की तैयारी में भी सहायता मिलती है।
बैठक में आगामी पेराई सत्र की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गन्ना सर्वेक्षण, पर्ची वितरण, तौल केंद्रों की व्यवस्था तथा किसानों को आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चीनी मिलों और किसानों के बीच समन्वय बेहतर रहे, जिससे किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी उत्पन्न न हो।
सरकार ने डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। अधिकारियों से कहा गया कि ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल सेवाओं के माध्यम से किसान अपने भुगतान की स्थिति, गन्ना पर्ची और अन्य आवश्यक जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी।
बैठक में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, सिंचाई व्यवस्था और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को नई तकनीकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और चीनी उद्योग को भी पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है और यहां का चीनी उद्योग लाखों किसानों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। ऐसे में समय पर भुगतान और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था पूरे कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि यदि भुगतान प्रक्रिया नियमित और पारदर्शी बनी रहती है तो किसानों का विश्वास भी मजबूत होगा और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों और चीनी मिलों को निर्देश दिए हैं कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सरकार ने कहा है कि भुगतान में लापरवाही करने वाली मिलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आगामी पेराई सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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