Last updated: July 18th, 2026 at 03:22 pm

उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर पड़ने वाली मांस और शराब की सभी दुकानें यात्रा अवधि के दौरान बंद रखी जाएं। साथ ही सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि यात्रा की पवित्रता बनाए रखना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में मेरठ और सहारनपुर मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि यात्रा मार्ग पूरी तरह गड्ढामुक्त हों, नियमित सफाई हो, पेयजल, शौचालय, स्ट्रीट लाइट और चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा कांवड़ शिविरों में स्वच्छ और सात्विक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यात्रा के दौरान अफवाह फैलाने, माहौल बिगाड़ने या सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने तथा भ्रामक सूचनाओं का तुरंत खंडन करने के निर्देश दिए। सरकार ने सभी जिलों को स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया दल सक्रिय रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के लिए भी कहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से भी अनुशासन बनाए रखने और यात्रा की गरिमा का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, संयम और सेवा का प्रतीक है तथा इसमें किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या हिंसा की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कांवड़ समितियों, डीजे संचालकों और स्थानीय प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी या विवाद उत्पन्न न हो।
राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग को यात्रा मार्गों की मरम्मत, नगर निकायों को स्वच्छता व्यवस्था, विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस एवं चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कांवड़ यात्रा दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। ऐसे में प्रशासनिक समन्वय, प्रभावी यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत आवश्यक होती है। उनका कहना है कि समय पर की गई तैयारियां और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल से यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है और कहा है कि वे अफवाहों से बचें, यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सरकार का विश्वास है कि प्रशासन और जनता के सहयोग से इस वर्ष की कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होगी।
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