Last updated: July 18th, 2026 at 03:30 pm

राजधानी दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निगम (MCD), सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था, पंपिंग स्टेशनों की कार्यक्षमता और संवेदनशील क्षेत्रों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश के दौरान किसी भी प्रमुख सड़क पर लंबे समय तक जलभराव की स्थिति नहीं रहनी चाहिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राजधानी के प्रमुख नालों की सफाई का कार्य तेजी से चल रहा है और कई स्थानों पर अतिरिक्त पंपिंग मशीनें तैनात की गई हैं। जिन इलाकों में हर वर्ष जलभराव की समस्या अधिक रहती है, वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि बारिश के दौरान लोगों को न्यूनतम परेशानी हो।
रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल निकासी से जुड़ी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होता है और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सभी एजेंसियां 24 घंटे सक्रिय रहें और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा जाएगा। भारी वर्षा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Response Teams) मौके पर पहुंचकर जल निकासी सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा बिजली, यातायात और स्वास्थ्य विभागों के साथ भी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
सरकार ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे नालों में कचरा न डालें और जलभराव या किसी अन्य समस्या की सूचना संबंधित हेल्पलाइन पर दें। प्रशासन ने यह भी कहा कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली जैसे महानगर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान बेहतर ड्रेनेज नेटवर्क, नियमित नालों की सफाई और विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय से ही संभव है। उनका मानना है कि समय पर की गई तैयारियां बारिश के दौरान होने वाली समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकती हैं।
दिल्ली सरकार ने सभी संबंधित विभागों को मानसून के पूरे मौसम में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जलभराव की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से राजधानी में मानसून के दौरान नागरिकों को अधिक सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
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