Last updated: July 20th, 2026 at 08:42 am

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च से पहले राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प के बाद हालात नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस ने कार्रवाई की। इस दौरान कथित लाठीचार्ज की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इसका विरोध दर्ज कराया।
पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कार्रवाई को अनुचित बताया। CJP का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया, जिसे उसने संविधान की भावना के विपरीत करार दिया। हालांकि, इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों की ओर से लाठीचार्ज को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उधर, संसद के मानसून सत्र को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर रखी है। जंतर-मंतर, संसद भवन और नई दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इसी बीच, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा की है। यह कदम प्रस्तावित विरोध मार्च को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रस्तावित मार्च के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत सार्वजनिक सभा और जुलूस पर प्रतिबंध लगाया गया है।
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में स्पष्ट किया कि इस विरोध मार्च के लिए न तो अनुमति मांगी गई थी और न ही प्रशासन की ओर से कोई अनुमति दी गई थी। उन्होंने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की
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