Last updated: July 21st, 2026 at 02:47 pm

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बार फिर केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को बल प्रयोग से दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि देशभर में पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों ने युवाओं में असंतोष पैदा किया है। उनके मुताबिक, इन समस्याओं का समाधान संवाद और पारदर्शी व्यवस्था से होना चाहिए, न कि विरोध कर रहे छात्रों पर सख्ती दिखाकर।
उन्होंने कहा कि रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे आज देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं। सरकार को इन विषयों पर गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि छात्रों का परीक्षा और भर्ती प्रणाली पर भरोसा बना रहे।
बिहार की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता बदलाव चाहती है और आगामी चुनावों में विकास, रोजगार और बेहतर प्रशासन जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि बिहार की जनता अब पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर जवाबदेही और बेहतर शासन की अपेक्षा कर रही है। उनके अनुसार, आने वाले समय में युवाओं से जुड़े मुद्दे राज्य की राजनीति के केंद्र में रहेंगे और इन्हीं विषयों पर चुनावी बहस भी तेज होने की संभावना है।
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