Last updated: July 27th, 2026 at 09:12 am

बिहार के सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई फायरिंग और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। इस मामले को लेकर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं को अपराधी समझा जा रहा है। उनका कहना था कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए और निर्दोष युवाओं को राहत मिलनी चाहिए।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि आंदोलन के बाद बड़ी संख्या में छात्रों को हिरासत में लिया गया है, जिससे उनके परिवारों में डर और असमंजस का माहौल है। उन्होंने कहा कि सरकार को दमनात्मक रवैया अपनाने के बजाय छात्रों से संवाद कर समाधान निकालना चाहिए।
सांसद ने संसद परिसर में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन भी किया और एक बैनर के माध्यम से अपनी मांगें रखीं। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता दिखाई जाए और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।
गौरतलब है कि बिहार बंद के दौरान सीवान में प्रदर्शन के समय पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी का AK-47 से फायरिंग करते हुए वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। विपक्ष निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी होने की बात कही गई है।
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