Last updated: July 27th, 2026 at 01:59 pm

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में नगर निगम और जिला प्रशासन ने सोमवार को अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। शहर की प्रमुख सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान में कई अवैध निर्माणों और अस्थायी कब्जों को हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना, पैदल चलने वालों की सुविधा बढ़ाना और सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना है।
सुबह से ही नगर निगम, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंची। जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से सड़क किनारे बने अवैध ढांचे, फुटपाथों पर किए गए कब्जे और बिना अनुमति लगाए गए अस्थायी निर्माण हटाए गए। अभियान के दौरान कई दुकानदारों को भी चेतावनी दी गई कि वे भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करें।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ समय से शहर के कई क्षेत्रों से अतिक्रमण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। लोगों का कहना था कि फुटपाथों और सड़कों पर अवैध कब्जों के कारण पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया।
अभियान के दौरान पुलिस बल भी बड़ी संख्या में तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने पहले से ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया था। इसके बावजूद जहां कब्जे नहीं हटाए गए, वहां नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को हटाया।
नगर निगम का कहना है कि शहर के सौंदर्यीकरण और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखना आवश्यक है। अधिकारियों के अनुसार, यदि सड़कें और फुटपाथ अतिक्रमण से मुक्त रहेंगे तो यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और आम नागरिकों को भी सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की आवाजाही भी आसान होगी।
अभियान के दौरान कुछ व्यापारियों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी की। उनका कहना था कि छोटे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित न हो, इसके लिए नगर निगम को उचित स्थान उपलब्ध कराने पर भी विचार करना चाहिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वैध रूप से व्यवसाय करने वालों के हितों का ध्यान रखा जाएगा, लेकिन सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से निरीक्षण करेंगी और नए अतिक्रमण होने पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।
शहर के कई नागरिकों ने नगर निगम की इस कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना है कि लंबे समय से सड़कों और फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण लोगों को रोजाना जाम और असुविधा का सामना करना पड़ता था। अभियान के बाद कई स्थानों पर यातायात पहले की तुलना में अधिक सुचारु दिखाई दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ नियमित निगरानी भी जारी रखी जाए तो शहर की यातायात व्यवस्था और शहरी विकास योजनाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही लोगों में सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता है।
गोरखपुर नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी है। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे सार्वजनिक भूमि पर कब्जा न करें और शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित तथा सुचारु यातायात वाला बनाने में प्रशासन का साथ दें।
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