Last updated: July 30th, 2026 at 09:45 am

पटना: बिहार की राजनीति के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बड़ी बहन ऊषा देवी का बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि बिहार को अभी भी नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेतृत्व की जरूरत थी और उन्हें अगले पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में काम करना चाहिए था। उनके अनुसार, राज्य में हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए उनका नेतृत्व महत्वपूर्ण था।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी ऊषा देवी ने विश्वास जताया कि इस बार भी जनता भाजपा के पक्ष में मतदान करेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता सबसे अधिक दिखाई दी और विकास कार्यों का असर भी जनता के बीच साफ नजर आ रहा है।
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के फैसले को याद करते हुए उन्होंने बताया कि इस्तीफे वाले दिन वह उनसे आशीर्वाद लेने घर आए थे। उस समय परिवार के अन्य सदस्यों को इस फैसले की जानकारी नहीं थी। बाद में टीवी और समाचारों के माध्यम से उन्हें इस बारे में पता चला। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक राज्य की जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति का पद छोड़ना स्वाभाविक रूप से भावुक करने वाला पल था।
राज्यसभा जाने की चर्चा पर ऊषा देवी ने कहा कि यदि परिवार का कोई सदस्य मुख्यमंत्री रहते हुए दिल्ली चला जाए तो उसकी कमी महसूस होना स्वाभाविक है। उन्होंने दोहराया कि उनकी इच्छा थी कि नीतीश कुमार कुछ और वर्षों तक बिहार की कमान संभालते।
वहीं, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक टिप्पणी की। ऊषा देवी ने कहा कि निशांत अच्छा काम कर रहे हैं और परिवार के लोग उनकी शादी को लेकर भी उनसे लगातार बात करते रहते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जब भी निशांत घर आते हैं तो उनसे मिलने वालों की इतनी भीड़ हो जाती है कि पूरा घर लोगों से भर जाता है।
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