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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग, गलवान के बाद पहली संभावित यात्रा पर बढ़ी हलचल

नई दिल्ली: सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी
Xi-Jinping-April-2025

नई दिल्ली: सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह दौरा तय होता है, तो जून 2020 में गलवान घाटी में हुए सैन्य संघर्ष के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। इस संभावित दौरे को भारत-चीन संबंधों में सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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    सूत्रों के अनुसार, 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शी जिनपिंग भारत पहुंच सकते हैं। गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच लंबे समय तक सीमा पर तनाव और सैन्य गतिरोध बना रहा था। ऐसे में यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों को नई गति दे सकती है।

    बताया जा रहा है कि संभावित यात्रा से पहले भारत और चीन के बीच कूटनीतिक स्तर पर संपर्क बढ़ने की संभावना है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के भी उच्च स्तरीय वार्ता के लिए चीन जाने की चर्चा है, हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।

    इसके अलावा, सीमा मामलों पर भारत-चीन के बीच वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की बैठक भी जल्द आयोजित हो सकती है। इसके बाद दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा विवाद सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।

    यदि शी जिनपिंग का भारत दौरा होता है, तो यह लगभग छह वर्षों बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी। उनकी पिछली यात्रा अक्टूबर 2019 में हुई थी, जो गलवान संघर्ष से कुछ महीने पहले संपन्न हुई थी। इस बार सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि क्या ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी बैठक में सीमा विवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापारिक सहयोग और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा हो सकती है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, पश्चिम एशिया के हालात और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच यह संभावित मुलाकात दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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