Last updated: August 1st, 2026 at 11:54 am

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कश्मीर दौरे से लौटने के बाद अपने गांव से एक वीडियो संदेश जारी किया। सिंधु नदी के किनारे रिकॉर्ड किए गए इस संदेश में उन्होंने सरकार से आंदोलन के दौरान किए गए लिखित वादों को जल्द पूरा करने की अपील की। उनका कहना था कि किसी भी आश्वासन का महत्व तभी है, जब उसे समय पर लागू किया जाए।
वांगचुक ने आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें सरकार की ओर से उचित सहायता और मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
उन्होंने भारतीय रेल की तारीफ को लेकर हुई आलोचनाओं पर भी अपनी बात रखी। वांगचुक ने कहा कि कश्मीर तक रेल नेटवर्क पहुंचाना देश के इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि है, इसलिए उसकी सराहना करना किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इसरो या कोई अन्य संस्था देश के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल करती है, तो उसकी भी प्रशंसा की जानी चाहिए।
अपने संदेश में उन्होंने लोगों से संतुलित सोच अपनाने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अच्छे कार्यों की खुलकर सराहना और गलत नीतियों का तथ्यात्मक विरोध, दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने नागरिकों से किसी भी राजनीतिक विचारधारा के अंध समर्थक बनने के बजाय सही और गलत का निष्पक्ष आकलन करने का आग्रह किया।
सोनम वांगचुक ने कहा कि देश का विकास तभी संभव है, जब समाज सकारात्मक कार्यों को प्रोत्साहित करे और कमियों पर भी बेझिझक आवाज उठाए। उनके अनुसार, रचनात्मक आलोचना और सकारात्मक सोच ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
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