Last updated: August 2nd, 2026 at 06:20 pm

राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से अहम भूमिका निभा रहे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को पुणे में आयोजित एक समारोह में प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह पुरस्कार देश की सुरक्षा, रणनीतिक नीति और जनसेवा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
यह सम्मान तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से हर वर्ष उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में विशेष योगदान दिया हो। डोभाल को भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, खुफिया अभियानों और राष्ट्रीय रणनीति को नई दिशा देने में उनकी दशकों की भूमिका के लिए चुना गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा में अहम योगदान
अजीत डोभाल देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों में शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान मिजोरम, पंजाब, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा विदेशों में भारतीय मिशनों में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई और कई रणनीतिक मामलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
भारत-चीन सीमा विवाद से जुड़े संवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णयों में भी उनकी भूमिका को विशेष माना जाता है।
लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि पर दिया जाता है सम्मान
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1983 में की गई थी। यह सम्मान हर साल 1 अगस्त, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर प्रदान किया जाता है। इससे पहले यह पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. मनमोहन सिंह, इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और शरद पवार जैसी कई प्रमुख हस्तियों को मिल चुका है।
अन्नाभाऊ साठे को भी दी श्रद्धांजलि
पुणे दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रसिद्ध समाज सुधारक, लोक कवि और दलित साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई मंत्री और वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
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