Last updated: August 3rd, 2026 at 09:30 am

महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में बृज भूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
यह फैसला लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद सुनाया गया। अदालत ने 2 जुलाई 2026 को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसके बाद अब अपना अंतिम निर्णय सुनाया गया है। जनवरी 2023 में शुरू हुए इस हाई-प्रोफाइल मामले में करीब 1,133 दिनों के दौरान 127 से अधिक सुनवाई हुई।
इससे पहले मई 2024 में अदालत ने बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी समेत कुछ आरोप तय किए थे। हालांकि, छह शिकायतकर्ताओं में से एक महिला पहलवान की शिकायत पर उन्हें पहले ही राहत मिल चुकी थी। वहीं, सह-आरोपी और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भी आरोप तय किए गए थे।
दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में बृज भूषण शरण सिंह पर महिलाओं की गरिमा भंग करने, यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और आपराधिक धमकी देने से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराएं लगाई थीं। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी जमानत पर थे।
अब अदालत के फैसले के साथ इस चर्चित मामले में दोनों आरोपियों को राहत मिल गई है। फैसले के बाद राजनीतिक और खेल जगत में इस निर्णय को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
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