Last updated: August 6th, 2026 at 03:57 pm

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में बुधवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। जिले के एक गांव में वर्षों पुराने जर्जर मकान के अचानक ढह जाने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए तत्काल अभियान शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे, तभी अचानक मकान की दीवारें और छत भरभराकर गिर गईं। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्थानीय स्तर पर राहत कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया गया और उसमें दबे लोगों को बाहर निकाला गया।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल अन्य लोगों का इलाज जारी है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि मकान काफी पुराना और जर्जर था। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार समय के साथ भवन कमजोर हो चुका था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
गांव में इस हादसे के बाद मातम का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि जिले में ऐसे सभी जर्जर मकानों का सर्वे कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि कई पुराने मकान वर्षों से मरम्मत के अभाव में खतरनाक स्थिति में हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने भवनों की समय-समय पर तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत कराना अत्यंत आवश्यक है। बरसात के मौसम में कमजोर भवनों के गिरने का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण और जोखिम वाले भवनों की पहचान करना जरूरी माना जाता है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भवन अत्यधिक जर्जर स्थिति में है, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जोखिम वाले भवनों के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रशासन राहत कार्यों की निगरानी कर रहा है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोग मृतकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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