Last updated: August 6th, 2026 at 04:09 pm
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 28 वर्ष से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर हरियाणा पुलिस के एक जवान की हत्या का आरोप है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में रह रहा था और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी वर्षों से लंबित एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की तलाश पिछले कई वर्षों से की जा रही थी। हाल के दिनों में मिली खुफिया सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई बार अपना नाम और निवास स्थान बदला। वह अलग-अलग राज्यों में रहकर मजदूरी और छोटे-मोटे काम करता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान उसे किस-किस व्यक्ति या गिरोह से मदद मिली।
मामला करीब 28 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। उस समय हरियाणा पुलिस के एक जवान की हत्या के बाद आरोपी फरार हो गया था। उसके खिलाफ हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। वर्षों तक उसकी तलाश जारी रही, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। अब आधुनिक तकनीक और खुफिया जानकारी की मदद से आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दिल्ली पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह भी जांच की जाएगी कि फरारी के दौरान आरोपी किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल था या नहीं। उसके पुराने संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में विभिन्न राज्यों की पुलिस और खुफिया एजेंसियों का भी सहयोग मिला। कई वर्षों तक जुटाई गई जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के बाद आरोपी का वर्तमान ठिकाना पता लगाया गया। इसके बाद विशेष टीम का गठन कर गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न्याय व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होती है। वर्षों बाद भी ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई यह संदेश देती है कि कानून से लंबे समय तक बच पाना संभव नहीं है। आधुनिक तकनीक और डिजिटल निगरानी ने ऐसे मामलों की जांच को पहले की तुलना में अधिक प्रभावी बनाया है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि राजधानी में फरार अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभिन्न राज्यों में छिपे वांछित अपराधियों की जानकारी साझा करने के लिए पुलिस एजेंसियों के बीच समन्वय लगातार बढ़ाया जा रहा है। इससे गंभीर अपराधों के आरोपियों तक पहुंचने में सहायता मिल रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी वांछित अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई तुरंत की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी से विस्तृत पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएंगी, जिससे पुराने केस की जांच को अंतिम रूप देने और यदि अन्य लोग भी शामिल रहे हों तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
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