Last updated: August 6th, 2026 at 04:13 pm

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में सितंबर 2026 में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका तथा BRICS समूह के नए सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन को लेकर केंद्र सरकार, दिल्ली प्रशासन और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सम्मेलन के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और बहुपक्षीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत इस मंच पर विकासशील देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर देगा।
शिखर सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। सम्मेलन स्थल, हवाई अड्डों, प्रमुख होटलों, राजनयिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की सुरक्षा का विस्तृत खाका तैयार किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सम्मेलन के दौरान आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों और ट्रैफिक एडवाइजरी की भी योजना बनाई जा रही है।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के स्वागत के लिए अलग प्रोटोकॉल व्यवस्था की जा रही है। आव्रजन, सुरक्षा जांच और परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
दिल्ली नगर निगम और अन्य नागरिक एजेंसियों को राजधानी की साफ-सफाई, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, हरियाली और सौंदर्यीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। सम्मेलन से पहले राजधानी के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों को बेहतर स्वरूप देने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS शिखर सम्मेलन भारत के लिए वैश्विक निवेश आकर्षित करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय बैठकों की भी संभावना है, जिनमें व्यापार और निवेश से जुड़े कई समझौतों पर चर्चा हो सकती है।
विदेश नीति विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में BRICS की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत की मेजबानी में आयोजित यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
केंद्र सरकार ने सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य, संचार और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े विभागों के बीच नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं ताकि सम्मेलन के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियां तेजी से जारी हैं। सरकार का लक्ष्य इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। सम्मेलन के माध्यम से भारत वैश्विक सहयोग, आर्थिक विकास और बहुपक्षीय साझेदारी के अपने दृष्टिकोण को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा।
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