Last updated: August 7th, 2026 at 04:43 pm

उत्तर प्रदेश में ब्रिटेन से आयात होने वाली शराब के दामों में बदलाव का रास्ता साफ हो गया है। राज्य के आबकारी विभाग ने UK-origin whisky और gin की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में संशोधन से संबंधित नया आदेश जारी किया है। यह बदलाव भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापारिक समझौते के बाद आयातित शराब पर लागू होने वाली नई व्यवस्था से जुड़ा बताया जा रहा है।
आबकारी विभाग के आदेश के बाद ब्रिटेन से आयात होने वाले संबंधित शराब ब्रांडों की कीमतों को संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि अलग-अलग ब्रांड और उत्पाद की कीमत में बदलाव अलग हो सकता है। उपभोक्ताओं को किसी भी बोतल की खरीदारी करते समय बोतल पर दर्ज नई MRP की जांच करने की सलाह दी गई है।
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए किए गए समझौतों के तहत कई उत्पादों पर शुल्क और व्यापार नियमों में बदलाव की दिशा में काम किया गया है। आयातित शराब भी इस व्यापारिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है। उत्तर प्रदेश का आबकारी विभाग राज्य में शराब की बिक्री, कीमत और लाइसेंस व्यवस्था की निगरानी करता है।
आबकारी अधिकारियों के अनुसार, आयातित शराब के लिए निर्धारित कीमतों में बदलाव संबंधित व्यापारिक और कर व्यवस्था के अनुरूप किया जा रहा है। विभाग ने शराब विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे केवल निर्धारित MRP पर ही बिक्री करें और ग्राहकों से मनमानी कीमत वसूलने की स्थिति में कार्रवाई की जा सकती है।
इस फैसले का असर मुख्य रूप से UK से आने वाली whisky और gin की उन बोतलों पर पड़ेगा जो उत्तर प्रदेश के बाजार में आधिकारिक चैनल के माध्यम से बेची जाती हैं। राज्य में शराब की कीमतों पर आबकारी शुल्क, आयात लागत, टैक्स और अन्य शुल्क का प्रभाव पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों में बदलाव के बाद खुदरा कीमतों में भी परिवर्तन संभव है।
शराब कारोबार से जुड़े व्यापारियों के लिए भी नई MRP के अनुसार स्टॉक का प्रबंधन करना जरूरी होगा। दुकानदारों को पुराने और नए स्टॉक की कीमतों का रिकॉर्ड रखने तथा विभागीय नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आबकारी विभाग द्वारा बाजार में इसकी निगरानी किए जाने की संभावना है।
आयातित शराब के बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि शुल्क में बदलाव होने पर विदेशी शराब के दामों में कमी या बढ़ोतरी दोनों की संभावना रहती है। इसका अंतिम प्रभाव उत्पाद की आयात लागत और राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न करों पर निर्भर करता है।
उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे खरीदारी के समय अधिकृत शराब दुकान से ही उत्पाद लें और बोतल पर MRP, बैच नंबर तथा अन्य आवश्यक जानकारी की जांच करें। यदि किसी दुकान पर निर्धारित कीमत से अधिक वसूली की जाती है तो संबंधित आबकारी विभाग में शिकायत की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग समय-समय पर शराब की कीमतों, बिक्री और लाइसेंस व्यवस्था से संबंधित आदेश जारी करता है। विभाग का उद्देश्य राज्य में शराब की बिक्री को निर्धारित नियमों के तहत नियंत्रित करना और राजस्व व्यवस्था को बनाए रखना है।
व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-UK व्यापार समझौते के प्रभाव आने वाले समय में अन्य आयातित उत्पादों पर भी दिखाई दे सकते हैं। शराब के क्षेत्र में कीमतों में बदलाव से आयातकों, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं की व्यापारिक रणनीति पर भी असर पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में UK-origin whisky और gin की संशोधित कीमतों को लेकर बाजार में चर्चा तेज है। आबकारी विभाग के नए आदेश के बाद संबंधित उत्पादों की MRP में बदलाव लागू किया जा रहा है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि किसी भी उत्पाद की खरीद से पहले उसकी नई निर्धारित कीमत जरूर जांच लें।
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