Last updated: August 20th, 2026 at 11:58 am

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद उनके बेटे जग प्रवेश कुमार भी अस्पताल पहुंचे। सज्जन कुमार लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।
1984 दंगा मामले में हुई थी उम्रकैद
सज्जन कुमार के खिलाफ 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े कई मामले चले। पालम कॉलोनी के राज नगर पार्ट-1 में पांच लोगों की हत्या से जुड़े मामले में उन्हें 2013 में निचली अदालत ने बरी कर दिया था।
हालांकि, दिसंबर 2018 में दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उन्हें आपराधिक साजिश और हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसी फैसले में 1984 के सिख विरोधी दंगों को मानवता के खिलाफ अपराध बताया गया था।
एक मामले में मिली थी राहत
जनकपुरी इलाके में हुई हिंसा से जुड़े एक अन्य मामले में जनवरी 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने सज्जन कुमार को सबूतों की कमी के आधार पर बरी कर दिया था। हालांकि, अन्य मामलों में मिली सजा के कारण उन्हें जेल में रहना पड़ा।
2025 में भी हुई थी सजा
सज्जन कुमार को 2025 में 1984 दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में भी दोषी ठहराया गया था। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दो लोगों की हत्या से जुड़े मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत से मृत्युदंड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
इस तरह एक मामले में बरी होने के बावजूद सज्जन कुमार अन्य मामलों में मिली उम्रकैद की सजा के चलते जेल में थे। उनके निधन के साथ ही उनके खिलाफ चल रहा लंबा कानूनी और राजनीतिक अध्याय समाप्त हो गया।
![]()
Comments are off for this post.