Last updated: August 20th, 2026 at 05:45 pm

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से संबंधित सरकार के आदेश पर तत्काल प्रभाव से स्टे लगाया है।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। सरकार को इस अवधि में काउंटर एफिडेविट के साथ संबंधित दस्तावेज भी अदालत में पेश करने होंगे।
सफल उम्मीदवारों को मिली राहत
हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोनों परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत मिली है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की है। कई चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति भी हो चुकी है और कुछ ने संबंधित विभागों में काम शुरू कर दिया है।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि अगर परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन कथित गड़बड़ी के आधार पर पूरी परीक्षा रद्द करने से उन उम्मीदवारों को नुकसान होगा, जिन्होंने अपनी योग्यता के दम पर सफलता हासिल की है।
22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने का फैसला
दरअसल, झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के बाद राज्य सरकार ने 2014 से अब तक JPSC, JSSC और एक आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था।
इसके अलावा 23 अन्य परीक्षाओं की जांच कराने का भी फैसला लिया गया था। सरकार के इस कदम के बाद कई सफल अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई और करीब 2,000 चयनित उम्मीदवारों ने फैसले का विरोध किया।
JSSC-CGL को लेकर भी विवाद
परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ JSSC-CGL के जरिए सरकारी नौकरी पाने वाले कई अभ्यर्थियों ने भी आवाज उठाई। उनका कहना था कि अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि पूरी परीक्षा और चयन प्रक्रिया को खत्म किया जाए।
इसी विवाद के बीच सफल उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने फिलहाल JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से संबंधित सरकारी आदेश पर रोक लगा दी है।
अब राज्य सरकार के जवाब और अदालत की अगली सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी। हाईकोर्ट के आगे के आदेश से यह तय होगा कि इन परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को लेकर आगे की प्रक्रिया किस दिशा में जाएगी।
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