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यूपी में अवैध पान मसाला-तंबाकू फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई, ₹185 करोड़ की GST चोरी का खुलासा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध पान मसाला और तंबाकू निर्माण के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। DGGI की कार्रवाई
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध पान मसाला और तंबाकू निर्माण के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। DGGI की कार्रवाई में चित्रकूट और बांदा में छह ठिकानों पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार उत्पाद और पैकिंग मशीनें बरामद की गईं। जांच एजेंसी के मुताबिक इस नेटवर्क से करीब ₹185 करोड़ की GST चोरी का मामला सामने आया है।

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    कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 27 बिना पंजीकरण वाली पाउच-पैकिंग मशीनें जब्त कीं। इसके अलावा करीब 15.5 लाख तैयार पाउच भी बरामद किए गए। अधिकारियों का मानना है कि इन मशीनों और तैयार माल का इस्तेमाल बिना उचित कर भुगतान के पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के निर्माण एवं वितरण में किया जा रहा था।

    जांच के बाद निर्माण इकाई के संचालक को गिरफ्तार किया गया है। DGGI की लखनऊ जोनल यूनिट मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा था।

    अधिकारियों की कार्रवाई केवल एक निर्माण इकाई तक सीमित नहीं रही। चित्रकूट और बांदा में अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिससे जांच एजेंसियों को नेटवर्क से जुड़े कई ठिकानों और गतिविधियों की जानकारी मिलने की संभावना है।

    GST चोरी का मामला सामने आने के बाद अब एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड, उत्पादन और बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि तैयार उत्पाद किन इलाकों में भेजे जाते थे और इस कारोबार में अन्य कारोबारी या वितरक शामिल थे या नहीं।

    अवैध पान मसाला और तंबाकू कारोबार पर कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू सरकारी राजस्व की सुरक्षा भी है। बिना उचित बिल और टैक्स भुगतान के कारोबार करने से सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो सकता है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां उत्पादन और बिक्री के वास्तविक आंकड़ों का मिलान उपलब्ध रिकॉर्ड से करती हैं।

    बरामद की गई बड़ी संख्या में पैकिंग मशीनें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि गतिविधियां छोटे स्तर तक सीमित नहीं थीं। अब जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि मशीनों का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और कुल कितना माल तैयार किया गया।

    तैयार उत्पादों की बरामदगी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इनके पैकेजिंग और वितरण से संबंधित जानकारी के आधार पर एजेंसी सप्लाई चेन तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है।

    मामले में आगे और गिरफ्तारियां होती हैं या नहीं, यह जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगा। फिलहाल गिरफ्तार संचालक से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

    अवैध तंबाकू और पान मसाला निर्माण से जुड़े मामलों में केवल टैक्स चोरी ही नहीं, बल्कि उत्पादों की गुणवत्ता और नियामकीय मानकों का पालन भी महत्वपूर्ण मुद्दा होता है। बिना उचित निगरानी के निर्मित उत्पादों की बिक्री उपभोक्ताओं के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है।

    DGGI की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में अवैध विनिर्माण और टैक्स चोरी के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हिस्सा मानी जा रही है। एजेंसी अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करके कारोबार के वास्तविक पैमाने का आकलन करेगी।

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