Last updated: August 22nd, 2026 at 05:56 pm

नई दिल्ली: दिल्ली में बारिश के बीच स्कूल बंद किए जाने को लेकर अभिभावकों और छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल पूरी दिल्ली में स्कूल बंद करने का कोई राज्यव्यापी आदेश नहीं है। हालांकि स्थानीय मौसम और परिस्थितियों को देखते हुए अलग-अलग स्कूल अपने स्तर पर छुट्टी या ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर निर्णय ले सकते हैं।
मानसून के दौरान दिल्ली में तेज बारिश होने पर स्कूल आने-जाने वाले छात्रों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बन जाती है। जलभराव, ट्रैफिक जाम और कुछ इलाकों में तेज बारिश के कारण बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में किसी एक इलाके में स्थिति खराब होने पर संबंधित स्कूल प्रशासन अपने स्तर पर निर्णय ले सकता है। इसलिए अभिभावकों के लिए अपने स्कूल की ओर से जारी आधिकारिक सूचना को देखना जरूरी होगा।
दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र रोजाना बस, मेट्रो, निजी वाहन और अन्य साधनों से स्कूल पहुंचते हैं। भारी बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव होने से यात्रा का समय बढ़ सकता है। कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक की गति भी प्रभावित हो सकती है।
निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति में स्कूलों के आसपास भी आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूल प्रशासन स्थानीय स्थिति का आकलन करके छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा निर्णय ले सकता है।
बारिश के दौरान तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना होने पर भी सावधानी जरूरी है। स्कूलों में खुले मैदानों में गतिविधियों को रोकने या छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर रखने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
अभिभावकों को सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी संदेश के आधार पर छुट्टी मान लेने से बचना चाहिए। स्कूल बंद होने की पुष्टि के लिए स्कूल प्रशासन, आधिकारिक ग्रुप या संबंधित सरकारी विभाग की सूचना देखना बेहतर रहेगा।
दिल्ली में सरकारी और निजी स्कूलों की संख्या काफी अधिक है। सभी क्षेत्रों में मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं होती। किसी इलाके में भारी बारिश हो सकती है जबकि दूसरे इलाके में सामान्य स्थिति बनी रह सकती है। इसी वजह से स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की आवश्यकता हो सकती है।
यदि किसी स्कूल को लगता है कि छात्रों को स्कूल बुलाना सुरक्षित नहीं है तो वह अपने स्तर पर छुट्टी घोषित कर सकता है या पढ़ाई का वैकल्पिक तरीका अपना सकता है। कुछ संस्थान परिस्थितियों के अनुसार ऑनलाइन कक्षाएं भी आयोजित कर सकते हैं।
बारिश का असर स्कूल परिवहन पर भी पड़ सकता है। बसों को जलभराव वाले रास्तों से गुजरने में परेशानी हो सकती है। अभिभावकों को बच्चों को भेजने से पहले स्थानीय यातायात और मौसम की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
दिल्ली में मानसून के दौरान प्रशासन जलभराव वाले इलाकों की निगरानी करता है। यदि किसी क्षेत्र में स्थिति गंभीर होती है तो स्थानीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
स्कूलों के लिए भी आपातकालीन संपर्क व्यवस्था तैयार रखना जरूरी है। बारिश के कारण यदि छात्र देर से पहुंचते हैं या घर लौटने में परेशानी होती है तो अभिभावकों के साथ तुरंत संपर्क किया जाना चाहिए।
छोटे बच्चों के मामले में विशेष सावधानी जरूरी है। भारी बारिश के दौरान उन्हें अकेले यात्रा करने से बचाना और सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था करना बेहतर होगा।
वर्तमान स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली के सभी स्कूलों के लिए एक साथ छुट्टी की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए प्रत्येक छात्र और अभिभावक को अपने स्कूल की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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