Last updated: August 23rd, 2026 at 11:41 am

लखनऊ: रक्षाबंधन के त्योहार से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए बड़ी सुविधा की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री अपने एक सहयात्री के साथ मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। यह सुविधा 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक लागू रहने की घोषणा की गई है।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य रक्षाबंधन पर अपने भाइयों के घर जाने वाली महिलाओं की यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाना है। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं अपने परिवार और मायके की ओर यात्रा करती हैं, जिससे बसों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।
इस बार महिला यात्री के साथ एक सहयोगी को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने से परिवारों को अतिरिक्त राहत मिल सकती है। खासकर उन महिलाओं के लिए यह व्यवस्था उपयोगी होगी जो लंबी दूरी की यात्रा अकेले करने के बजाय किसी परिवार के सदस्य या परिचित के साथ करना चाहती हैं।
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के साथ पुलिस और स्थानीय प्रशासन को भी समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का जोर केवल मुफ्त यात्रा उपलब्ध कराने पर नहीं बल्कि त्योहार के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर भी है।
रक्षाबंधन के दौरान बस अड्डों पर भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों से बड़ी संख्या में यात्री अपने घरों के लिए रवाना होते हैं। ऐसे में परिवहन विभाग के सामने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था और यात्रियों को समय पर उनके गंतव्य तक पहुंचाने की चुनौती होगी।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार ने एंटी-रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय रखने और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की बात कही है।
बस चालकों को लेकर भी सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में बसों के संचालन को देखते हुए ड्राइवरों की निगरानी और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार की ओर से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब प्रदेश के कई हिस्से मानसूनी बारिश और जलभराव से प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न शहरों में जलभराव की स्थिति की भी समीक्षा की और निचले इलाकों में अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन तथा नालों की सफाई पर जोर दिया।
बाढ़ प्रभावित जिलों में भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और भोजन पहुंचाने तथा कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने को कहा गया है। इससे स्पष्ट है कि रक्षाबंधन की तैयारियों के साथ-साथ सरकार मानसून से जुड़ी चुनौतियों पर भी नजर रख रही है।
रक्षाबंधन के मौके पर मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था उत्तर प्रदेश में पहले भी लागू की जाती रही है। इसका मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान महिलाओं को आर्थिक राहत देने के साथ सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
त्योहार के समय निजी बसों और अन्य परिवहन साधनों पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा महिलाओं के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराएगी।
हालांकि यात्रियों को यात्रा से पहले अपने रूट और बस की उपलब्धता की जानकारी जांच लेना बेहतर होगा। भीड़ अधिक होने की स्थिति में बस अड्डों पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा समय लग सकता है।
परिवहन विभाग के लिए इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण चुनौती भीड़ को नियंत्रित करना होगी। यदि यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ती है तो अतिरिक्त बसें चलाने और फेरे बढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है। इससे लंबी दूरी के यात्रियों को राहत मिल सकती है।
रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा प्रमुख त्योहार है और इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार से मिलने के लिए यात्रा करते हैं। ऐसे में परिवहन व्यवस्था का सुचारु रहना त्योहार की तैयारियों का अहम हिस्सा है।
सरकार के इस फैसले से खास तौर पर उन परिवारों को राहत मिल सकती है जिनके लिए त्योहार के दौरान यात्रा का खर्च बढ़ जाता है। महिला और एक सहयात्री की मुफ्त यात्रा से आने-जाने के खर्च में कमी आएगी।
उत्तर प्रदेश में 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक महिला यात्री और उनके एक सहयात्री को UPSRTC बसों में मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी। सरकार ने इसके साथ सुरक्षा, यातायात और बस संचालन को लेकर भी प्रशासन को विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
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