Last updated: August 27th, 2026 at 08:28 am

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 2020 के दंगों से जुड़े कथित बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत का रास्ता एक बार फिर मुश्किल होता नजर आ रहा है। दोनों की नई जमानत याचिकाओं का दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में विरोध किया है।
पुलिस ने अपनी दलील में कहा कि दोनों आरोपी सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश के बावजूद दूसरे मामले में आए फैसले और टिप्पणियों को जमानत का नया आधार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने इसे कानूनी प्रक्रिया का अनुचित इस्तेमाल और अदालत को गुमराह करने का प्रयास बताया है।
दिल्ली पुलिस ने दोनों पर लगाए गंभीर आरोप
हाईकोर्ट में दाखिल जवाब में दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद और शरजील इमाम को 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ी बड़ी साजिश का प्रमुख आरोपी बताया। पुलिस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही दोनों की जमानत याचिकाओं पर फैसला दे चुका है और उनके मामले में आरोपों तथा उनकी कथित भूमिका को अलग तरीके से देखा गया है।
पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के गुलफिशा फातिमा से जुड़े फैसले का भी हवाला दिया। जांच एजेंसी के मुताबिक, उस मामले में कुछ आरोपियों को राहत मिली थी, लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं दी गई थी।
दूसरे मामले के फैसले को आधार बनाने पर पुलिस को आपत्ति
दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों की उस दलील का विरोध किया है जिसमें दूसरे मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदली हुई परिस्थितियों के तौर पर पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि संबंधित मामला दिल्ली दंगों की कथित साजिश से अलग है और वहां सामने आए तथ्यों के आधार पर उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत का नया आधार नहीं बनाया जा सकता।
पुलिस के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के पहले आदेश में दोनों को दोबारा जमानत के लिए अदालत का रुख करने की एक निर्धारित स्थिति बताई गई थी। इसमें संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी होना या आदेश की तारीख से एक वर्ष पूरा होना जैसी परिस्थितियां शामिल थीं।
ट्रायल कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की तीसरी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि गुलफिशा फातिमा और अन्य मामलों से जुड़े कानूनी सवालों को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पीठ के पास भेजा गया है। जब तक इस मुद्दे पर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक पहले के आदेश का पालन जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच के सामने कानूनी सवाल
मामले में UAPA के तहत लंबे समय तक सुनवाई लंबित रहने और जमानत के सिद्धांत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कानूनी सवाल उठे हैं। एक अन्य पीठ ने इस मुद्दे पर पहले के न्यायिक फैसलों के साथ तालमेल को लेकर सवाल उठाया था। इसके बाद संबंधित कानूनी मतभेद को बड़ी पीठ के विचार के लिए भेजा गया।
हाईकोर्ट में अब आगे की सुनवाई
ट्रायल कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद उमर खालिद और शरजील इमाम ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। हाईकोर्ट पहले ही दोनों याचिकाओं पर नोटिस जारी कर चुका है। अब दिल्ली पुलिस की आपत्तियों के बाद अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। फिलहाल दोनों की जमानत पर अंतिम फैसला हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
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