Last updated: August 27th, 2026 at 11:29 am

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करीब 42 साल से फरार चल रहे हत्या के आरोपी को उत्तर प्रदेश के हरदोई से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 65 वर्षीय नत्थू उर्फ नत्थूलाल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक वह वर्ष 1984 में पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी इलाके में हुई हत्या के मामले में वांछित था। चार दशक से अधिक समय तक गिरफ्तारी से बचने के बाद पुलिस ने उसे 18 अगस्त को पकड़ लिया।
मामला 22-23 मई 1984 की रात का है। विकासपुरी के डिस्ट्रिक्ट पार्क से पुलिस को एक व्यक्ति का शव मिला था। शव पर चाकू से कई वार किए गए थे। बाद में मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की तो नत्थू और उसके साथी भभूति प्रसाद की भूमिका सामने आई।
पुलिस के अनुसार, अशोक कुमार और भभूति प्रसाद एक ही क्षेत्र से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि अशोक पर भभूति की पत्नी को लेकर आपत्तिजनक व्यवहार करने का आरोप था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। पुलिस का आरोप है कि इसी विवाद के बाद भभूति प्रसाद और नत्थू ने मिलकर अशोक कुमार की हत्या की।
हत्या के बाद पुलिस ने भभूति प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया गया था। हालांकि, उसका साथी नत्थू पुलिस की गिरफ्त से बच निकला और तभी से फरार था।
चार दशक से अधिक समय तक नत्थू ने अपनी पहचान और ठिकाने को छिपाकर रखा। पुलिस के अनुसार, वह उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में थोक सब्जी मंडियों में मजदूरी और सब्जी बेचने का काम करता रहा। वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा, जिससे पुलिस के लिए उसे ढूंढना मुश्किल बना रहा।
पुलिस का यह भी कहना है कि नत्थू ने शादी नहीं की और अकेले रहता रहा। अधिकारियों के मुताबिक, परिवार और स्थायी सामाजिक रिकॉर्ड से दूरी बनाए रखना उसकी पहचान छिपाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इस वजह से पुराने रिकॉर्ड के आधार पर उसका पता लगाना चुनौतीपूर्ण रहा।
मामले की दोबारा जांच के दौरान दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पुराने केस रिकॉर्ड को खंगाला और आरोपी की संभावित गतिविधियों की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर और हरदोई समेत कई स्थानों पर फील्ड वेरिफिकेशन किया। पुलिस टीम ने आरोपी के पुराने संपर्कों और संभावित ठिकानों की जानकारी को भी जांचा।
जांच के दौरान पुलिस को नत्थू के हरदोई में होने की जानकारी मिली। टीम ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और 18 अगस्त को उसे उस समय गिरफ्तार किया जब वह अपने गांव से फर्रुखाबाद की ओर जा रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने 1984 की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की है। हालांकि, उसके बयान की कानूनी पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के तहत होगी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 42 वर्षों के दौरान आरोपी किन-किन स्थानों पर रहा और उसने अपनी पहचान किस तरह छिपाए रखी। जांच एजेंसियां उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही हैं।
इतने लंबे समय बाद हुई गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के लिए पुराने लंबित मामलों की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आमतौर पर दशकों पुराने मामलों में आरोपी तक पहुंचने के लिए पुराने दस्तावेजों, गवाहों की जानकारी और नए तकनीकी साधनों को एक साथ इस्तेमाल करना पड़ता है।
इस मामले में भी पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड को दोबारा खंगालने के साथ-साथ आरोपी के संभावित वर्तमान ठिकाने की जानकारी जुटाई। कई वर्षों तक एक ही व्यक्ति के बारे में अलग-अलग स्थानों से जानकारी जुटाना जांच टीम के लिए चुनौतीपूर्ण रहा।
मामले का एक अन्य पहलू यह है कि हत्या के मुख्य घटनाक्रम के 42 साल बाद आरोपी अब कानून के सामने आया है। इससे यह संदेश भी जाता है कि लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद पुराने आपराधिक मामलों में जांच एजेंसियां आरोपी तक पहुंचने की कोशिश जारी रख सकती हैं।
1984 में विकासपुरी के एक पार्क में अशोक कुमार की हत्या के मामले में फरार चल रहे 65 वर्षीय नत्थू उर्फ नत्थूलाल को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 42 साल बाद उत्तर प्रदेश के हरदोई से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी चार दशक से अधिक समय तक अलग-अलग जगहों पर रहकर अपनी पहचान छिपाता रहा। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद इस पुराने हत्या मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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