Last updated: August 29th, 2026 at 08:13 am

लेह: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लद्दाख के लिए प्रस्तावित विशेष संवैधानिक प्रावधानों को लेकर बड़ा बयान दिया है। लेह में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख की विशिष्ट पहचान, स्थानीय हितों और लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था पर काम कर रही है।
रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लद्दाख के प्रति विशेष लगाव रहा है और केंद्र सरकार इस क्षेत्र के विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने पर भी ध्यान दे रही है।
अनुच्छेद 371 के तहत विशेष प्रावधान का दावा
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, लद्दाख के लिए अनुच्छेद 371 के तहत विशेष प्रावधान किए जाने की दिशा में काम चल रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य क्षेत्र की आदिवासी पहचान, भूमि अधिकार, संस्कृति और स्थानीय रोजगार से जुड़े हितों को संरक्षण देना बताया गया है। हालांकि, रिजिजू के बयान के मुताबिक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर फिलहाल कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया है।
चुनी हुई संस्था और विधान परिषद का प्रस्ताव
रिजिजू ने बताया कि प्रस्तावित ढांचे में लद्दाख के लोगों को अधिक राजनीतिक अधिकार देने के लिए केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर एक निर्वाचित संस्था और विधान परिषद जैसी व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
इस व्यवस्था के तहत प्रशासनिक, विधायी और वित्तीय शक्तियों को मजबूत करने की बात कही गई है। स्थानीय प्रशासन को निर्वाचित राजनीतिक कार्यपालिका के प्रति जवाबदेह बनाने का भी प्रस्ताव बताया गया है।
सातों जिलों में स्वायत्त परिषदों के विस्तार की बात
लद्दाख में मौजूदा स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों के दायरे को भी बढ़ाने की बात सामने आई है। अभी लेह और करगिल में मौजूद परिषदों के अलावा नए जिलों में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव बताया गया है। इन परिषदों को अधिक मजबूत और स्थायी संवैधानिक आधार देने की दिशा में काम किए जाने की बात केंद्रीय मंत्री ने कही।
जल्द लागू हो सकते हैं प्रावधान
किरेन रिजिजू ने उम्मीद जताई कि लद्दाख के लिए प्रस्तावित विशेष प्रावधान जल्द लागू किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में क्षेत्र में सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आया है।
उन्होंने लद्दाख के नए जिलों के गठन को भी स्थानीय प्रशासन और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। इसके अलावा उन्होंने जल्द ही लद्दाख में हाई कोर्ट की बेंच स्थापित किए जाने की बात भी कही।
लद्दाख के विकास को लेकर सरकार का दावा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा लद्दाख की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे पूरा किया गया। अब सरकार का फोकस क्षेत्र में विकास के साथ स्थानीय लोगों के राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारों को मजबूत करने पर है।
फिलहाल लद्दाख के लिए प्रस्तावित संवैधानिक व्यवस्था को लेकर किरेन रिजिजू का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इन प्रस्तावित प्रावधानों का अंतिम स्वरूप और उन्हें लागू करने की औपचारिक प्रक्रिया को लेकर आगे की सरकारी घोषणा का इंतजार रहेगा।
![]()
Comments are off for this post.