Last updated: August 29th, 2026 at 08:45 am

दरभंगा। बिहार में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए दरभंगा में एक बड़े स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट की योजना सामने आई है। सरकार ने शहर के नेहरू स्टेडियम को राष्ट्रीय स्तर के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक खेल परिसर विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद मिथिलांचल के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिता और फिटनेस से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में परियोजना की समीक्षा
इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की रूपरेखा का प्रस्तुतीकरण किया गया।
अधिकारियों की ओर से परियोजना के विभिन्न हिस्सों और प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी दी गई। योजना का उद्देश्य दरभंगा में ऐसा खेल ढांचा तैयार करना है, जहां खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए बेहतर माहौल मिल सके।
क्रिकेट से लेकर इंडोर गेम्स तक की सुविधाएं
प्रस्तावित परिसर में आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम विकसित किया जाएगा। इसमें डे-नाइट मुकाबलों के लिए हाई-मास्ट लाइटिंग, हाइब्रिड टर्फ पिच और खिलाड़ियों एवं दर्शकों के लिए सुविधायुक्त पवेलियन की व्यवस्था प्रस्तावित है।
इसके अलावा मल्टीपरपज इंडोर हॉल में कई खेलों के लिए सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसमें स्विमिंग पूल, बॉक्सिंग रिंग, जूडो और कुश्ती के लिए क्षेत्र, बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल, स्क्वैश और आधुनिक जिम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी होगा फोकस
इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सिर्फ खेल मैदान और प्रशिक्षण सुविधाएं ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन को वैज्ञानिक तरीके से बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। प्रस्तावित योजना में स्पोर्ट्स साइंस, बायो-मैकेनिक्स और मेडिकल सपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक और प्रदर्शन का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने में मदद मिल सकती है।
बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के लिए भी इंतजाम
परिसर में खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसके तहत करीब 100 बेड का छात्रावास, गेस्ट हाउस और डाइनिंग हॉल बनाया जाना है। इसके साथ लॉन टेनिस और वॉलीबॉल कोर्ट, क्रिकेट नेट प्रैक्टिस पिच, सौर ऊर्जा प्रणाली और मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं भी योजना का हिस्सा हैं।
मिथिलांचल की प्रतिभाओं को मिलेगा स्थानीय मंच
दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन बेहतर प्रशिक्षण और संसाधनों के लिए खिलाड़ियों को अक्सर बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से इस स्थिति में बदलाव आने की उम्मीद है।
अगर परियोजना योजना के अनुसार विकसित होती है, तो स्थानीय खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और आवश्यक खेल सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे प्रतिभाओं को बेहतर मंच मिलने के साथ उनके पलायन को कम करने में मदद मिल सकती है।
दरभंगा को खेल हब बनाने की तैयारी
यह परियोजना दरभंगा को बिहार के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। आधुनिक स्टेडियम, इंडोर खेल सुविधाएं, खेल विज्ञान और खिलाड़ियों के आवास जैसी व्यवस्थाओं को एक ही परिसर में विकसित करने से यहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
फिलहाल परियोजना को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा चुकी है। आने वाले चरणों में इसके निर्माण और क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
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