Last updated: August 30th, 2026 at 02:39 pm

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके के एक प्ले स्कूल में साढ़े तीन साल के बच्चे के साथ कथित मारपीट और अनुचित व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। बच्चे के परिवार की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने स्कूल के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, एक शिक्षिका और केयरटेकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में POCSO एक्ट, Juvenile Justice Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं लगाई हैं। पुलिस ने स्कूल से CCTV फुटेज भी जब्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बच्चे के परिवार को उसके व्यवहार में बदलाव दिखाई देने के बाद शक हुआ। परिजनों ने बताया कि बच्चा कुछ दिनों से परेशान रहता था, ठीक से सो नहीं पा रहा था और उसे टॉयलेट जाने में भी डर लगने लगा था। इसके अलावा उसके शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए। इसके बाद परिवार ने बच्चे को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले जाने का फैसला किया। बच्चे की GTB अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई और संयुक्त चिकित्सकीय परीक्षण भी किया गया।
परिवार की चिंता तब और बढ़ गई जब उन्होंने स्कूल प्रशासन से CCTV फुटेज दिखाने की मांग की। पुलिस के मुताबिक, परिजनों की शिकायत के बाद स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस अब फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
मामले में पुलिस ने स्कूल के चार लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें स्कूल के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, एक शिक्षिका और केयरटेकर शामिल हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे के साथ वास्तव में क्या हुआ, घटना में किसकी भूमिका थी और स्कूल प्रबंधन की ओर से सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का पालन किया गया था या नहीं।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू की है। POCSO कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि Juvenile Justice Act बच्चों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और उपेक्षा से जुड़े मामलों में कानूनी सुरक्षा देता है।
मामले में CCTV फुटेज जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। पुलिस यह देख रही है कि वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और कथित घटनाक्रम कब और कैसे हुआ। अधिकारियों के अनुसार, CCTV फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट की जांच के बाद आरोपों की पुष्टि या खंडन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
इस घटना ने दिल्ली के प्ले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटे बच्चे लंबे समय तक अपने साथ हुई घटनाओं को स्पष्ट रूप से बता पाने की स्थिति में नहीं होते। ऐसे में स्कूलों में CCTV निगरानी, कर्मचारियों का सत्यापन, पर्याप्त स्टाफ और बच्चों के साथ व्यवहार की नियमित निगरानी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
माता-पिता के लिए भी यह घटना चिंता बढ़ाने वाली है। कई परिवार छोटे बच्चों को कम उम्र में प्ले स्कूल भेजते हैं और उम्मीद करते हैं कि वहां उनकी सुरक्षा और देखभाल की पूरी व्यवस्था होगी। यदि किसी स्कूल में बच्चे के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है तो स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही भी जांच के दायरे में आ जाती है।
पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच जारी रखी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस चरण में आरोपों को CCTV फुटेज, मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापित किया जा रहा है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी आरोपी की भूमिका को अंतिम रूप से दोषी मानना उचित नहीं होगा।
घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। अभिभावक यह जानना चाहते हैं कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए किस तरह की व्यवस्था थी और कथित घटना को रोकने या समय रहते पहचानने में स्कूल प्रशासन की भूमिका क्या रही।
पुलिस अब CCTV रिकॉर्डिंग और मेडिकल दस्तावेजों के अलावा स्कूल कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों से भी जानकारी जुटा सकती है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात बच्चे की सुरक्षा और उसकी चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक सहायता है। जांच एजेंसियों के लिए यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि बच्चे और परिवार पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े तथा मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़े।
जाफराबाद के एक प्ले स्कूल में साढ़े तीन साल के बच्चे के साथ कथित मारपीट और अनुचित व्यवहार के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्कूल के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, शिक्षिका और केयरटेकर के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला POCSO एक्ट, Juvenile Justice Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने CCTV फुटेज जब्त कर ली है और मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।
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