Last updated: August 31st, 2026 at 11:42 am

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैंट क्षेत्र के विकास को लेकर केंद्र और राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ कैंटोनमेंट में ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाली 14 विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन किया। इनमें रक्षा मंत्रालय की 12 परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से लागू की जाने वाली दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कैंट क्षेत्र में जलापूर्ति, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कचरा प्रबंधन, पार्किंग और नागरिक सुविधाओं को आधुनिक बनाना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं में AI आधारित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, मल्टी-यूटिलिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आधुनिक शवदाह गृह शामिल हैं। इसके अलावा 1,500 किलोलीटर क्षमता वाले भूमिगत जलाशय का निर्माण, पुरानी जलापूर्ति पाइपलाइन को बदलने और SCADA ऑटोमेशन से लैस आठ नए ट्यूबवेल बनाने की योजना है। पानी की बेहतर आपूर्ति के लिए SCADA आधारित ओवरहेड टैंक भी विकसित किए जाएंगे।
कैंट क्षेत्र में शिक्षा और समावेशी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष स्कूल बनाया जाएगा। वहीं आरए बाजार माध्यमिक विद्यालय और रेनबो मॉडल स्कूल में अतिरिक्त कक्षाओं और शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इससे इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
परियोजना पैकेज में मल्टी-लेवल रोबोटिक कार पार्किंग और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी शामिल है। कैंट क्षेत्र में बढ़ते यातायात और पार्किंग की समस्या को देखते हुए इसे महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके साथ ही पुराने कचरे को हटाने के लिए Legacy Waste Bio-Mining और Bio-Remediation का काम भी किया जाएगा। इससे कैंट क्षेत्र में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।
उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर लागू की जाने वाली दो परियोजनाओं में आरए बाजार सिटी पॉलीक्लिनिक और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर शामिल हैं। पॉलीक्लिनिक से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी, जबकि अभ्युदय कोचिंग सेंटर युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगा।
कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं को केवल निर्माण कार्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, इनका उद्देश्य एक स्वच्छ कैंटोनमेंट, बेहतर जलापूर्ति, बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा, युवाओं के लिए खेल सुविधाएं और आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लखनऊ कैंट का विकास पूरे लखनऊ के विकास से जुड़ा हुआ है और केंद्र तथा राज्य के बीच बेहतर समन्वय से विकास की गति तेज हो सकती है।
राजनाथ सिंह ने लखनऊ के विकास में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकार एक समान दिशा में काम करती हैं तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कैंट क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार को शहर के व्यापक विकास से जोड़ते हुए कहा कि लखनऊ अपनी ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक शहर के रूप में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ कैंट में ब्रिटिश दौर के पांच बाजारों के नाम बदलने की घोषणा भी की गई। Royal Artillery Bazar को एकता बाजार, British Cavalry Bazar को उदा देवी बाजार, British Infantry Bazar को माता दीन वाल्मीकि बाजार, दूसरे British Infantry Bazar को मंगल पांडे बाजार और Kennedy Market को अटल बिहारी वाजपेयी बाजार नाम दिया गया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि नाम बदलना केवल बोर्ड बदलना नहीं बल्कि ऐतिहासिक स्मृतियों को नई पहचान देना है।
लखनऊ कैंट में भवन निर्माण से जुड़े नियमों में भी बदलाव की जानकारी दी गई। राजनाथ सिंह के अनुसार, कैंट क्षेत्रों में निर्माण की अनुमत ऊंचाई को बढ़ाया गया है, जिससे बदलती शहरी जरूरतों के अनुरूप पुनर्विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। इस बदलाव का उद्देश्य बढ़ती आबादी और सीमित भूमि के बीच बेहतर शहरी नियोजन को संभव बनाना बताया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान गोमती नदी के पुनर्जीवन अभियान का भी उल्लेख किया और कहा कि नदी की सफाई का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कैंट क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल कैंट के रूप में विकसित करने की दिशा में केंद्र और राज्य के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
करीब 4,000 लोगों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी सुना। अब इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी। यदि निर्धारित समय और गुणवत्ता के साथ काम पूरा होता है तो इसका सीधा असर लखनऊ कैंट के नागरिकों, सैन्य परिवारों, विद्यार्थियों और स्थानीय कारोबारियों की सुविधाओं पर पड़ सकता है।
लखनऊ कैंट में ₹100 करोड़ से अधिक की लागत वाली 14 विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन किया गया है। इनमें AI आधारित कचरा प्रबंधन प्लांट, बेहतर जलापूर्ति, नए ट्यूबवेल, स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं, दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष स्कूल, खेल परिसर, पॉलीक्लिनिक, रोबोटिक पार्किंग और कचरा निस्तारण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य लखनऊ कैंट को आधुनिक और मॉडल कैंटोनमेंट के रूप में विकसित करना है।
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