Last updated: September 1st, 2026 at 09:46 am

Bihar News: बिहार में पत्रकारिता और पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वैशाली के एक यूट्यूबर पत्रकार के मामले को उठाते हुए मंत्री लखींद्र पासवान और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तेजस्वी का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर खबर चलाने के बाद पत्रकार को कथित तौर पर दबाव में फर्जी मामले में फंसाया गया।
पत्रकार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों का जिक्र किया। पत्रकार के मुताबिक, 19 तारीख की रात पुलिस उसके घर पहुंची और कथित तौर पर हथियार दिखाकर उसे हिरासत में लिया गया। उसने परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार और रास्ते में मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया।
पत्रकार का दावा है कि उसे अलग-अलग आपराधिक मामलों में फंसाने का दबाव बनाया गया। इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया। पत्रकार के अनुसार, बाद में अदालत से उसे बॉन्ड पेपर पर रिहाई मिल गई।
सड़क की रिपोर्टिंग से जुड़ा है मामला
पत्रकार ने आरोप लगाया कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति को लेकर वीडियो और खबरें बना रहा था। इसी रिपोर्टिंग को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद शुरू हुआ। पत्रकार ने इस मामले में मंत्री लखींद्र पासवान का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके दबाव के कारण पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।
हालांकि, मंत्री की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का पक्ष भी स्पष्ट रूप से सामने आना बाकी है।
तेजस्वी यादव ने सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
इस मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं और इससे आम लोगों का पुलिस पर भरोसा प्रभावित हो रहा है।
तेजस्वी ने संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो राष्ट्रीय जनता दल आंदोलन करेगा और जरूरत पड़ने पर वैशाली बंद कराने का भी आह्वान किया जा सकता है।
मंत्री के पुराने विवाद का भी किया जिक्र
तेजस्वी यादव ने इस दौरान विधानसभा में मंत्री लखींद्र पासवान से जुड़े माइक तोड़ने के विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई को लेकर सरकार का रवैया अलग क्यों दिखाई देता है।
फिलहाल इस पूरे विवाद में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोपों और तेजस्वी यादव के दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। मंत्री और पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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