Last updated: September 1st, 2026 at 09:52 am

पटना: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है। अप्रैल से जून के बीच सामने आए इन आंकड़ों के बाद केंद्र सरकार के साथ-साथ बिहार के एनडीए नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। नेताओं ने इसे देश की आर्थिक मजबूती का संकेत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
शिला मंडल ने GDP ग्रोथ को बताया गर्व की बात
जदयू नेता और बिहार सरकार में मंत्री शिला मंडल ने 7.8 प्रतिशत की GDP ग्रोथ पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि देश की विकास दर 7 प्रतिशत से ऊपर पहुंचना गौरव की बात है। शिला मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण काम किया है।
आरक्षण के मुद्दे पर भी रखा पक्ष
शिला मंडल ने आरक्षण के सवाल पर नीतीश कुमार की नीतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ सरकारी नौकरियों में भी आरक्षण का प्रावधान किया गया, जिससे समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिला।
उन्होंने बिहार में तकनीकी शिक्षा की कम फीस का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, राज्य में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक शिक्षा को किफायती बनाने की दिशा में सरकार ने कदम उठाए हैं।
लखेंद्र पासवान बोले- अभी GDP ग्रोथ पर चर्चा जरूरी
एलजेपी (रामविलास) के विधायक और बिहार सरकार में मंत्री लखेंद्र पासवान ने भी 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। आरक्षण को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल देश की आर्थिक प्रगति पर बात होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति के बीच भारत की अर्थव्यवस्था का 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ना बड़ी बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का भी जिक्र किया।
‘आरक्षण को कोई खत्म नहीं कर सकता’
आरक्षण के सवाल पर लखेंद्र पासवान ने कहा कि जिन वर्गों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है, उसे कोई समाप्त नहीं कर सकता। उन्होंने इसे गरीब और वंचित लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बिहार को विकसित बनाने और राज्य की प्रगति पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
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