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दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 47.56 लाख नाम गायब, SIR के बाद 32.78% मतदाता बाहर; 30 सितंबर तक दावा करने का मौका

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के बाद सोमवार को जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची
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दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के बाद सोमवार को जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली की पिछली मतदाता सूची में शामिल करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.56 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का लगभग 32.78 प्रतिशत है। अब जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, वे 30 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दाखिल कर सकते हैं।

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    SIR के बाद जारी ड्राफ्ट सूची में दिल्ली में कुल करीब 97.53 लाख मतदाता दर्ज हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं को सूची से बाहर रखा गया है जिन्हें स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित, मृत या एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाया गया। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा उन मतदाताओं का है जिन्हें स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी में रखा गया है। ऐसे मतदाताओं की संख्या करीब 43.32 लाख बताई गई है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 29.86 प्रतिशत है।

    इसके अलावा करीब 2.82 लाख मतदाताओं को मृत श्रेणी में रखा गया है, जबकि लगभग 1.41 लाख नाम डुप्लीकेट या एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण की श्रेणी में आए हैं। डुप्लीकेट पाए गए मतदाताओं को केवल एक स्थान की मतदाता सूची में बनाए रखने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति हमेशा के लिए मतदान के अधिकार से बाहर हो गया है। चुनाव आयोग ने प्रभावित मतदाताओं को अपने नाम की स्थिति जांचने और जरूरत पड़ने पर दावा दाखिल करने का अवसर दिया है। यदि कोई पात्र व्यक्ति ड्राफ्ट सूची में अपना नाम नहीं पाता है तो वह Form 6 के जरिए नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके साथ निर्धारित घोषणा और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

    चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 है। इसके बाद अधिकारियों द्वारा प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों की जांच की जाएगी। इसलिए दिल्ली के मतदाताओं से अपने नाम की स्थिति जल्द से जल्द जांचने की अपील की जा रही है।

    SIR के आंकड़ों में पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या में भी बदलाव दिखाई दिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ड्राफ्ट सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या करीब 49.89 लाख और महिला मतदाताओं की संख्या करीब 47.64 लाख है। पिछले चुनावी रिकॉर्ड की तुलना में पुरुष मतदाताओं की संख्या में गिरावट महिलाओं की तुलना में अधिक रही है।

    दिल्ली के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भी नाम हटने की दर एक जैसी नहीं रही। कुछ क्षेत्रों में ड्राफ्ट सूची से हटाए गए मतदाताओं का अनुपात काफी अधिक है। उदाहरण के तौर पर तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र में करीब 48 प्रतिशत मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं दिखाई दिए, जो दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में सबसे अधिक दर बताई गई है।

    इस बड़े बदलाव के बाद राजनीतिक दलों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। विपक्षी नेताओं ने बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार और चुनावी अधिकारियों की ओर से प्रक्रिया को मतदाता सूची को अद्यतन करने की कवायद बताया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार SIR का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।

    मतदाताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ड्राफ्ट सूची को अंतिम सूची न समझें। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम गलती से हट गया है तो उसके पास उसे दोबारा शामिल कराने का कानूनी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अवसर मौजूद है। इसलिए नागरिकों को अपने नाम की जांच करने के साथ अपने परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी जांच लेने चाहिए।

    चुनाव आयोग द्वारा दावों और आपत्तियों की जांच पूरी किए जाने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों के दावे स्वीकार किए जाएंगे, उनके नाम अंतिम सूची में जोड़े जा सकते हैं। वहीं अपात्र या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी।

    दिल्ली में SIR के बाद मतदाता सूची में आया यह बड़ा बदलाव आगामी चुनावों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अभी यह ड्राफ्ट सूची है, इसलिए अंतिम मतदाता संख्या और विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़े दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

    दिल्ली की SIR ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 47.56 लाख नाम शामिल नहीं किए गए हैं, जो पुराने मतदाता आधार का लगभग 32.78 प्रतिशत है। इनमें बड़ी संख्या में मतदाताओं को स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी में रखा गया है। जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे 30 सितंबर 2026 तक दावा दाखिल कर सकते हैं। नाम जोड़ने के लिए Form 6 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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