Last updated: September 7th, 2026 at 10:07 am

जंतर-मंतर पर CJP आंदोलन के दौरान मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किए गए यूट्यूबर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी हिरासत के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग की है। अदालत ने मामले पर तत्काल सुनवाई के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।
आज ही सुनवाई के लिए हाई कोर्ट तैयार
स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से अधिवक्ता उमेश शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति करिया की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। वकील ने जल्द सुनवाई की मांग करते हुए बताया कि भारद्वाज पिछले तीन दिनों से हिरासत में हैं।
याचिका के मुताबिक, भारद्वाज को 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप है कि CJP आंदोलन के दौरान उन्होंने एक दलित यूट्यूबर के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। इसी मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई है।
FIR में कई धाराएं जोड़े जाने का दावा
मामले को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस, CJP और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से जुड़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज FIR में SC-ST Act, POCSO Act और हत्या के प्रयास से संबंधित धाराएं जोड़े जाने की बात सामने आई।
पॉडकास्ट के बाद भी विवादों में आए भारद्वाज
स्वतंत्र भारद्वाज एक पॉडकास्ट के दौरान संजय कुमार पर कथित हमले को लेकर किए गए दावों के बाद भी चर्चा में आए थे। इसी दौरान उन्होंने भाजपा नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा तथा LJP (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को अपना भाई बताया था।
इस मामले में चिराग पासवान की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी है। वहीं, कपिल मिश्रा की ओर से इस पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पॉडकास्ट में भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस से जुड़े सामान और पुलिस में होने को लेकर भी कई दावे किए थे। उन्होंने संजय कुमार पर हमले के मामले में अपने खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा लगाए जाने की बात भी कही थी। इन दावों और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
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