Last updated: September 7th, 2026 at 10:11 am

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। हादसे के बाद साउथ जोन से जुड़े पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों की भूमिका और संभावित लापरवाही की जांच के बीच यह कदम उठाया गया है।
इन 5 अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
MCD कमिश्नर के आदेश के बाद निलंबित किए गए अधिकारियों में डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, SE रणवीर सिंह, EE (बिल्डिंग) ललित कुमार गोयल, AE (बिल्डिंग) सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं।
MCD विजिलेंस विभाग की ओर से सभी अधिकारियों के लिए अलग-अलग निलंबन आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के मुताबिक, अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक उनका निलंबन प्रभावी रहेगा।
बिल्डिंग विभाग के अधिकारियों की क्या होती है भूमिका?
MCD के बिल्डिंग विभाग का काम निर्माण गतिविधियों की निगरानी करने और भवन नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना होता है। क्षेत्रीय स्तर पर AE और JE निर्माण गतिविधियों की प्रारंभिक निगरानी से जुड़े रहते हैं, जबकि EE और SE के स्तर पर निगरानी एवं नियमों के अनुपालन की जिम्मेदारी होती है।
डिप्टी कमिश्नर जोन के प्रशासनिक स्तर पर प्रमुख अधिकारियों में शामिल होते हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद इन सभी अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों की जांच की जा रही है। फिलहाल निलंबन को दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा रहा है।
हादसे के बाद आसपास की इमारतों की भी जांच
MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने हादसे के बाद बताया था कि ढही हुई इमारत के पास स्थित एक अन्य भवन को भी कमजोर पाया गया है। उसे सुरक्षित बनाने के लिए मजबूती से जुड़े काम किए गए और उसे योजनाबद्ध तरीके से गिराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी।
कमिश्नर के मुताबिक, MCD को संपत्ति कर रिकॉर्ड से इमारत के मालिक से संबंधित कुछ दस्तावेज मिले थे। रिकॉर्ड के अनुसार मालिक की ओर से पिछले साल प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया गया था, जबकि 2007 में कन्वर्जन चार्ज भी जमा कराया गया था। पुलिस मालिक का पता लगाने में जुटी थी।
1970 के दशक में बनी थी इमारत
MCD के मुताबिक, हादसे में ढही इमारत का निर्माण 1970 के दशक में हुआ था। घटना के बाद आसपास के भवनों की सुरक्षा स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है, ताकि किसी अन्य जोखिम की स्थिति में समय रहते कदम उठाया जा सके।
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