Last updated: September 8th, 2026 at 02:31 pm

पटना: बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला है। लालू यादव ने सोशल मीडिया पर अपना एक पुराना वीडियो साझा करते हुए बिहार को आर्थिक मदद देने और बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग उठाई।
‘बिहार को भीख नहीं, उसका हक चाहिए’
लालू यादव ने कहा कि बिहार लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर गंभीर बाढ़ की स्थिति से जूझ रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य आर्थिक दबाव से गुजर रहा है और ऐसे समय में केंद्र को बिहार की जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि बिहार को किसी तरह की भीख की जरूरत नहीं है, बल्कि राज्य को उसकी आर्थिक हिस्सेदारी और योगदान के अनुरूप संसाधन मिलने चाहिए।
पुराने वीडियो के जरिए केंद्र पर साधा निशाना
आरजेडी प्रमुख ने 2011 के संसद में दिए गए अपने पुराने भाषण का वीडियो साझा किया। इसके साथ उन्होंने अपने राजनीतिक कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि 2004 से 2009 के बीच यूपीए सरकार के दौरान बिहार के विकास के लिए करीब ₹1.44 लाख करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई थी।
लालू यादव ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल के दौरान बिहार को केंद्र से पर्याप्त सहायता दिलाने के प्रयास किए गए, जबकि बाद की सरकारों ने राज्य के हितों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी।
नेपाल और नदियों के प्रबंधन का मुद्दा उठाया
लालू यादव ने बिहार में बाढ़ की समस्या को नेपाल से आने वाले पानी और नदियों के रखरखाव से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि बाढ़ का हर साल राहत और मुफ्त अनाज के जरिए समाधान करने के बजाय दीर्घकालिक योजना तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने नेपाल सरकार के साथ नदी प्रबंधन को लेकर ठोस बातचीत करने और नदियों के रखरखाव पर पर्याप्त खर्च करने की मांग की।
बिहार के CDR पर भी सवाल
आरजेडी प्रमुख ने बिहार के Credit Deposit Ratio यानी CDR को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग रोजगार के लिए देश-विदेश में जाते हैं और वहां से कमाई का पैसा राज्य में जमा करते हैं, लेकिन इसके अनुपात में बिहार में निवेश और खर्च नहीं हो रहा है।
लालू यादव ने केंद्र से बिहार को उसकी जरूरत और आर्थिक योगदान के अनुरूप धन उपलब्ध कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि राज्य को राहत के साथ-साथ बाढ़ से निपटने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।
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