Last updated: September 8th, 2026 at 01:17 pm

बक्सर: बिहार के बक्सर स्थित प्रधान डाकघर में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम ने अचानक पहुंचकर डाक डिवीजन और सब-डिवीजन कार्यालय में जांच की। कार्रवाई के दौरान तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। CBI की मौजूदगी से डाकघर परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल बढ़ गई।
दस्तावेजों की हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी की टीम ने कार्यालय में मौजूद कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और रिकॉर्ड को खंगाला। पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए तीनों लोगों को नगर थाना ले जाया गया, जहां उनसे बंद कमरे में पूछताछ की गई।
हालांकि, CBI की इस कार्रवाई का मुख्य कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। जांच एजेंसी की ओर से भी फिलहाल छापेमारी को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
डाक अधीक्षक के कार्यालय से निकलने की भी चर्चा
कार्रवाई के बाद डाक अधीक्षक सरिता कुमारी के कार्यालय से बाहर निकलने की जानकारी भी सामने आई है। उनका मोबाइल फोन बंद होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन घटनाक्रमों की आधिकारिक पुष्टि डाक विभाग या CBI की ओर से नहीं की गई है।
वित्तीय अनियमितता की आशंका, लेकिन पुष्टि नहीं
स्थानीय स्तर पर CBI की कार्रवाई को कथित वित्तीय अनियमितता या रिश्वतखोरी से जोड़कर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। लेकिन अभी तक जांच एजेंसी ने इन चर्चाओं की पुष्टि नहीं की है। इसलिए कार्रवाई के पीछे की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
बक्सर प्रधान डाकघर को कुछ समय पहले नए डाक प्रमंडल का दर्जा मिला था। इसके बाद यहां प्रशासनिक कामकाज के साथ वित्तीय गतिविधियों का दायरा भी बढ़ा है। ऐसे में CBI की अचानक हुई कार्रवाई ने विभागीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल जांच एजेंसी द्वारा जुटाए जा रहे दस्तावेजों और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। CBI, डाक विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही कार्रवाई के कारण और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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