Last updated: September 8th, 2026 at 02:35 pm

पटना: बिहार सरकार ने राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों में संविदा पर कार्यरत मेडिकल शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में अलग-अलग पदों के लिए संशोधित मानदेय तय किया गया है।
किस पद पर कितना मिलेगा मानदेय?
संशोधित दरों के अनुसार संविदा पर कार्यरत प्राध्यापक को अब ₹2.07 लाख प्रतिमाह मिलेंगे। पहले यह राशि ₹1.80 लाख थी। वहीं सह-प्राध्यापक का मानदेय ₹1.35 लाख से बढ़ाकर ₹1.55 लाख और सहायक प्राध्यापक का ₹1.10 लाख से बढ़ाकर ₹1.25 लाख प्रतिमाह किया गया है।
इसके अलावा सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर को ₹1.15 लाख और जूनियर रेजिडेंट को ₹75 हजार प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। जूनियर रेजिडेंट का मानदेय पहले ₹65 हजार था।
1 सितंबर से लागू होंगी नई दरें
स्वास्थ्य विभाग के आदेश के मुताबिक मानदेय की संशोधित दरें 1 सितंबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। इसके लिए प्राधिकृत समिति की अनुशंसा और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी मिलने की बात कही गई है।
विभाग ने राज्य के संबंधित राजकीय मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को नई दरों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञों को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार के इस फैसले से संविदा पर नियुक्त प्राध्यापकों, सह-प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि मानदेय में वृद्धि से मेडिकल कॉलेजों में योग्य और विशेषज्ञ चिकित्सकीय मानव संसाधन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में संविदा पर काम कर रहे शिक्षक और रेजिडेंट डॉक्टर चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सरकार के मुताबिक, मानदेय बढ़ाने से चिकित्सकीय शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को प्रोत्साहन मिलेगा और राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में विशेषज्ञ मानव संसाधन की उपलब्धता बेहतर करने में सहायता मिलेगी।
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