Last updated: September 8th, 2026 at 03:14 pm

दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने प्रमुख मार्गों, आयोजन स्थल और संवेदनशील इलाकों में विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
सम्मेलन का मुख्य आयोजन भारत मंडपम में प्रस्तावित है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी प्राथमिकता है। इसी वजह से प्रमुख सड़कों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जा रही है और जरूरी स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था तैयार की जा रही है।
BRICS सम्मेलन के दौरान दिल्ली में कई देशों के प्रतिनिधि एक साथ मौजूद रहेंगे। उनके आवागमन के दौरान कुछ मार्गों पर थोड़े समय के लिए यातायात नियंत्रित किया जा सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने मार्ग की जानकारी रखें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।
नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के प्रमुख हिस्सों में सुरक्षा जांच भी बढ़ाई जा रही है। महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों, आयोजन स्थल, होटल और प्रतिनिधिमंडलों के संभावित ठहरने वाले स्थानों के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार समन्वय कर रही हैं ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
दिल्ली पुलिस के ट्रैफिक विभाग की ओर से सम्मेलन के दौरान वाहनों की आवाजाही को लेकर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। वीआईपी और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के काफिले के गुजरने के दौरान कुछ सड़कों पर अस्थायी रोक लग सकती है। हालांकि आम लोगों को होने वाली परेशानी कम से कम रखने के लिए ट्रैफिक को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित करने की तैयारी है।
सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली के हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यात्रियों की आवाजाही और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही हैं। दिल्ली में आने वाले लोगों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी जा सकती है।
BRICS सम्मेलन के लिए राजधानी में साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का काम भी तेज किया गया है। आयोजन स्थल और प्रतिनिधिमंडलों के गुजरने वाले प्रमुख मार्गों को बेहतर बनाने के लिए नगर निकायों ने विशेष अभियान शुरू किए हैं। सड़कों की सफाई, फुटपाथों की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और हरित क्षेत्र को बेहतर करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सम्मेलन की सुरक्षा केवल आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रहेगी। सुरक्षा एजेंसियां शहर के अलग-अलग हिस्सों में संभावित संवेदनशील स्थानों की निगरानी करेंगी। पुलिस और अन्य एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए विशेष समन्वय व्यवस्था बनाई जा रही है।
आम लोगों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यातायात व्यवस्था में देखने को मिल सकता है। प्रतिनिधिमंडलों के काफिले के दौरान कुछ समय के लिए रास्ते बंद या डायवर्ट किए जा सकते हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से लोगों को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और अनावश्यक रूप से आयोजन स्थल के आसपास जाने से बचने की सलाह दिए जाने की संभावना है।
BRICS सम्मेलन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। ऐसे में राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। अगले कुछ दिनों में ट्रैफिक प्रतिबंधों और वैकल्पिक मार्गों से जुड़ी विस्तृत जानकारी जारी की जा सकती है।
12 और 13 सितंबर को होने वाले सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी तैनाती रहेगी। पुलिस, ट्रैफिक विभाग और प्रशासन का उद्देश्य विदेशी मेहमानों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के साथ-साथ राजधानी के सामान्य जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को न्यूनतम रखना है।
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