Last updated: September 9th, 2026 at 09:25 am

पटना: बिहार में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से होने वाले विधान परिषद यानी MLC चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रस्तावित चुनाव से पहले जन सुराज पार्टी ने मतदाता सूची तैयार करने की मौजूदा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से इसमें बदलाव की मांग की है।
मतदाता सूची तैयार करने के तरीके पर सवाल
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तरह MLC चुनाव के लिए भी मतदाता सूची तैयार करने में निर्वाचन आयोग को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर आयोग खुद मतदाता सूची तैयार करे और प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए तो राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को भी समान रूप से तैयारी का अवसर मिलेगा। पार्टी के मुताबिक, इस बार MLC चुनाव के लिए आवेदन की प्रक्रिया 15 नवंबर 2025 तक पूरी की गई थी, जबकि मतदाता सूचियों की घोषणा 31 दिसंबर 2025 तक की गई।
कई क्षेत्रों से सूची में गड़बड़ी की शिकायत का दावा
जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने कहा कि पार्टी को अलग-अलग क्षेत्रों से मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतें मिली हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इन शिकायतों के आधार पर जानबूझकर गड़बड़ी किए जाने का सीधा आरोप नहीं लगा रही है।
उनके मुताबिक, मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता चुनावी लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। किसी भी स्तर पर मतदाता सूची को लेकर भ्रम या विसंगति चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर सकती है।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन रोल’ की वकालत
जन सुराज ने पंचायत से लेकर लोकसभा तक अलग-अलग चुनावों के लिए मौजूद मतदाता सूचियों की व्यवस्था में समन्वय की जरूरत बताई। पार्टी ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन रोल’ की अवधारणा का समर्थन करते हुए देश में एक समन्वित मतदाता सूची तैयार करने की मांग की है।
पार्टी का कहना है कि एक समान और अद्यतन मतदाता सूची होने से अलग-अलग चुनावों में होने वाली संभावित विसंगतियों को कम किया जा सकता है। जन सुराज ने केंद्रीय चुनाव आयोग से इस दिशा में नीतिगत बदलाव पर विचार करने की अपील की है।
![]()
Comments are off for this post.