Last updated: September 9th, 2026 at 09:38 am

मुजफ्फरपुर: बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में यात्रियों को कथित तौर पर निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्यों को मुजफ्फरपुर रेल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी भीड़ के बीच यात्रियों को घेरकर नकदी, सोने की चेन और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ करते थे।
कृत्रिम भीड़ बनाकर करते थे वारदात
मामले का खुलासा समस्तीपुर जंक्शन पर हुई चेन छिनतई की घटना की जांच के दौरान हुआ। पुलिस के अनुसार, कांटी थाना क्षेत्र की रहने वाली 51 वर्षीय कहकशां तरन्नुम ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म पर जा रही थीं। इसी दौरान कई युवकों ने कथित तौर पर उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और उनके गले से करीब 20 ग्राम की सोने की चेन लेकर फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद रेल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
CCTV और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
रेल एसपी वीणा कुमारी के निर्देश पर तकनीकी सेल और विशेष जांच टीम बनाई गई। CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और दूसरे रेल थानों से मिली जानकारी को जोड़कर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना क्षेत्र से जुड़े सईदुल अली मौला, अलमिना खातून, राकेश देवनाथ, महा अधिकारी, नूर हसन मंडल, राजू लश्कर और रफीकुल सरदार शामिल हैं। जांच में पुलिस को कथित तौर पर यह भी पता चला कि समस्तीपुर की घटना से पहले दरभंगा रेलवे स्टेशन पर भी चेन छिनतई की वारदात हुई थी।
पुरी रथ यात्रा में भी सक्रियता का दावा
मुजफ्फरपुर रेल पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की गतिविधियों के तार ओडिशा के जगन्नाथ पुरी से भी जुड़े मिले। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम पुरी पहुंची, लेकिन वहां पता चला कि स्थानीय पुलिस इन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी और बाद में उन्हें अलीपुर कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
पुलिस के अनुसार, पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान भी चेन छिनतई के मामलों में ये आरोपी कथित तौर पर सक्रिय थे। पुरी पुलिस ने रथ यात्रा के दौरान करीब 100 संदिग्ध उचक्कों को गिरफ्तार किया था, जिनमें इस गिरोह के सातों सदस्यों के शामिल होने की जानकारी मुजफ्फरपुर रेल पुलिस को दी गई।
मुख्य आरोपी को समस्तीपुर में पकड़ा गया
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी राजू लश्कर जब समस्तीपुर में जमानत से जुड़ी कानूनी जानकारी लेने पहुंचा, तब रेल पुलिस ने उसे पकड़ लिया। रेल थाने से जुड़े मामले में राहत मिलने के बाद जिला पुलिस के एक अन्य मामले में उसकी दोबारा गिरफ्तारी की गई।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और दूसरे मामलों में उनकी संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। रेल पुलिस का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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