Last updated: September 10th, 2026 at 03:26 pm

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में मोबाइल फोन मिलने के बाद हड़कंप मच गया। आरोप है कि मोबाइल को इस तरह छिपाकर रखा गया था कि उससे बाथरूम का वीडियो रिकॉर्ड किया जा सके। मामला शहर के कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल का है। पुलिस ने मोबाइल को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, घटना 8 सितंबर की रात सामने आई। हॉस्टल में कुछ दिन पहले ही रहने आई एक छात्रा रात में बाथरूम गई थी। इसी दौरान उसकी नजर टिन शेड में फंसे एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर पड़ी। छात्रा को मोबाइल संदिग्ध लगा तो उसने पहले अपने फोन से उसकी तस्वीर और वीडियो बनाई और फिर अन्य छात्राओं को इसकी जानकारी दी। इसके बाद हॉस्टल की कई छात्राएं वहां पहुंचीं और मोबाइल की जांच की।
छात्राओं का आरोप है कि मोबाइल रिकॉर्डिंग मोड में था और उसका कैमरा टॉयलेट की ओर किया गया था। पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद मोबाइल को कब्जे में लिया गया। शुरुआती जानकारी में मोबाइल में बाथरूम के कुछ वीडियो मिलने की बात भी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में कई छात्राओं के वीडियो होने का दावा किया गया है, हालांकि इन वीडियो की वास्तविकता, रिकॉर्डिंग की अवधि और उन्हें किसने बनाई, इन सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले ने इसलिए भी गंभीर रूप ले लिया है क्योंकि हॉस्टल में अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली छात्राएं रहती हैं। जानकारी के अनुसार, हॉस्टल में करीब 20 कमरों में 26 छात्राएं रह रही थीं। घटना सामने आने के बाद छात्राओं ने अपने परिजनों को भी इसकी जानकारी दी और पुलिस को बुलाया गया।
पूछताछ के दौरान महिला वार्डेन की ओर से मोबाइल रखने को लेकर अलग सफाई सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, वार्डेन ने पुलिस को बताया कि बाथरूम में डस्टबिन होने के बावजूद कुछ छात्राएं सैनिटरी पैड इधर-उधर फेंक देती थीं, जिससे गंदगी होती थी। उनका कहना था कि ऐसी छात्राओं का पता लगाने के लिए मोबाइल को रात में रिकॉर्डिंग मोड पर रखा गया था। हालांकि, बाथरूम में मोबाइल कैमरा लगाकर रिकॉर्डिंग करने के इस दावे की वैधता और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य की जांच पुलिस कर रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोबाइल किसका था, उसे बाथरूम में किसने और कब रखा, उसमें मौजूद रिकॉर्डिंग कब की हैं और क्या किसी वीडियो को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा किया गया। जांच में मोबाइल की तकनीकी जांच भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इससे रिकॉर्डिंग से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
इस घटना ने गर्ल्स हॉस्टल और पीजी में रहने वाली छात्राओं की निजता और सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं अपने निजी स्थानों को सुरक्षित मानती हैं, ऐसे में बाथरूम जैसी जगह पर कथित रिकॉर्डिंग का मामला सामने आना बेहद गंभीर माना जा रहा है। हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
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