Last updated: September 15th, 2026 at 04:05 pm

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस और प्रशासन ने एक पटाखा फैक्ट्री पर कार्रवाई कर बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री और कारतूस बरामद किए हैं। चौकपुरी गांव में स्थित बजरंग फायर वर्क्स नाम की फैक्ट्री में पटाखे बनाने की अनुमति थी, लेकिन जांच के दौरान वहां निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक विस्फोटक सामग्री और सुतली बम मिले। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री में पटाखों के साथ अवैध रूप से कारतूस भी तैयार किए जा रहे थे। मामले में फैक्ट्री संचालक के तौर पर काम कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद यूसुफ और गुफरान अहमद अंसारी के रूप में हुई है। दोनों ने करीब दो महीने पहले फैक्ट्री को ठेके पर लिया था। फैक्ट्री का लाइसेंस आशीष बालियान के नाम पर बताया गया है। संयुक्त जांच के दौरान पुलिस, राजस्व विभाग, अग्निशमन विभाग और फील्ड यूनिट की टीम ने परिसर की जांच की, जिसके बाद बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और तैयार पटाखे बरामद हुए।
जांच में फैक्ट्री से कुल करीब 1,237 किलोग्राम विस्फोटक कच्चा माल बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसमें लगभग 130 किलोग्राम एल्युमिनियम पाउडर, 559 किलोग्राम गंधक और 548 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट शामिल बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में एक समय में केवल 50 किलोग्राम कच्चा माल रखने की अनुमति थी। इस लिहाज से बरामद सामग्री निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक थी।
इसके अलावा फैक्ट्री से करीब 39 क्विंटल 59 किलोग्राम तैयार सुतली बम भी बरामद किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, लाइसेंस के तहत तैयार आतिशबाजी रखने की अनुमत सीमा करीब 400 किलोग्राम थी। यानी परिसर में अनुमति से कई गुना ज्यादा तैयार पटाखे रखे गए थे। पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और उसके लाइसेंस को निरस्त करने के लिए भी रिपोर्ट भेजी गई है।
मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि जांच के दौरान 13 तैयार कारतूस और 23 खाली खोखे भी बरामद हुए। पुलिस का आरोप है कि पटाखे बनाने की आड़ में वहां कारतूस तैयार करने का काम भी चल रहा था। पूछताछ के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन कारतूसों को कहां और किसे भेजा जाना था।
पुलिस की शुरुआती जांच में एक बड़े सप्लाई नेटवर्क की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, अमजद नाम का एक व्यक्ति महाराष्ट्र से कच्चा माल उपलब्ध कराता था और तैयार माल को आगे महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्यों में भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने कथित सप्लायर की तलाश शुरू कर दी है। इसके अलावा विदेश में रहने वाले एक आरोपी के रिश्तेदार की भूमिका और कथित आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जा रही है। इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच आगे बढ़ने के बाद ही हो सकेगी।
जांच में यह भी सामने आया कि पटाखों के लिए खरीदे जाने वाले कच्चे माल और तैयार माल की खरीद-बिक्री कथित तौर पर बिना पक्के बिल के की जा रही थी। पुलिस को कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड भी तलाशने हैं। अधिकारियों को आशंका है कि बिना दस्तावेजों के दूसरे राज्यों में माल भेजे जाने से कर चोरी और अवैध सप्लाई का मामला भी जुड़ा हो सकता है।
पुलिस अब इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्ट्री में अवैध रूप से कारतूस बनाने का काम कब से चल रहा था, तैयार माल कहां-कहां भेजा गया और इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं। कथित सप्लायर और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने क्षेत्र की अन्य पटाखा फैक्ट्रियों की जांच पर भी ध्यान बढ़ाया है। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का लाइसेंस की निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाना सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर मामला माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति अवैध गतिविधियों में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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