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UCC पर जीतन राम मांझी ने साफ किया रुख, बोले- संविधान की भावना के अनुरूप है समान नागरिक संहिता

समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर बिहार NDA में अलग-अलग राय के बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने
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समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर बिहार NDA में अलग-अलग राय के बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इसके समर्थन में अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि UCC का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में मौजूद है और संविधान की भावना का सम्मान करते हुए इसके लागू होने की दिशा में सभी को सहयोग करना चाहिए।

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    अनुच्छेद 44 का दिया हवाला

    जीतन राम मांझी ने कहा कि समान नागरिक संहिता संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में शामिल है। उनके मुताबिक, जनहित से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।

    उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों में भी समान नागरिक संहिता से जुड़े विषय पर चर्चा हुई है। मांझी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के UCC को लेकर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए इसे समय की जरूरत से जोड़ा।

    विरोध को लेकर NDA सहयोगियों को संदेश

    मांझी ने कहा कि संविधान के तहत अपने अधिकारों का लाभ लेने वाले लोगों को देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में भी सहयोग करना चाहिए। उन्होंने UCC के लिए समय-सीमा तय किए जाने पर विरोध और हंगामे को उचित नहीं बताया।

    बिहार NDA में UCC को लेकर अलग-अलग रुख सामने आने के बीच मांझी का यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    बिहार की राजनीति पर भी बोले मांझी

    केंद्रीय मंत्री ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास कार्यों पर काम कर रही है। ऐसे में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के प्रयासों से बचना चाहिए।

    उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि सत्ता हासिल करने की कोशिशों के कारण बिहार के विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए।

    2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का किया जिक्र

    मांझी ने हालिया BRICS सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चीन और रूस के साथ शांति के प्रयासों का भी जिक्र किया।

    उन्होंने राजनीतिक दलों और नेताओं से मतभेदों से ऊपर उठकर बिहार के विकास में योगदान देने की अपील की। मांझी ने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के साथ 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में भी सभी को योगदान देना चाहिए।

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