Last updated: September 15th, 2026 at 04:28 pm

बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार, 15 सितंबर को BPSC की 70वीं संयुक्त परीक्षा और बिहार पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दोनों परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और जरूरत पड़ने पर परीक्षाएं रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे और परीक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जताई। छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की उचित जांच होनी चाहिए और यदि अनियमितताएं साबित होती हैं तो सभी अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराई जानी चाहिए। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की भारी तैनाती की गई थी और अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।
छात्रों की गतिविधियां पटना के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचीं। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच काफी देर तक खींचतान की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर प्रदर्शन समाप्त कराया। कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा रास्ता रोकने की कोशिश किए जाने की भी जानकारी सामने आई।
छात्रों की मुख्य मांग 70वीं BPSC परीक्षा और दरोगा भर्ती परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो परीक्षा को रद्द करके सभी अभ्यर्थियों के लिए नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और ऐसी व्यवस्था की मांग की जिससे भविष्य में इस तरह के विवादों की गुंजाइश कम हो।
बिहार सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में पहले ही कुछ फैसले लिए जा चुके हैं। 2 सितंबर को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया था कि आगामी BPSC परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित किया गया है। सरकार एक समान सिंगल-टेस्ट पैटर्न लागू करने की तैयारी कर रही है। मंत्री के अनुसार, उम्मीदवारों की संख्या काफी अधिक है और BPSC को परीक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने में समय चाहिए। नई तारीखों की घोषणा तैयारियां पूरी होने के बाद की जाएगी।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए BPSC को पर्याप्त समय दिया जाना जरूरी है। शिक्षा मंत्री ने भी कहा है कि परीक्षा जल्दबाजी में कराने के बजाय जरूरी तैयारियों के बाद आयोजित की जानी चाहिए। दूसरी ओर, छात्र चाहते हैं कि उनके द्वारा उठाए गए पुराने मामलों और कथित अनियमितताओं पर स्पष्ट कार्रवाई हो तथा अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
इस पूरे विवाद का असर बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ रहा है। BPSC और पुलिस भर्ती जैसी परीक्षाओं में हजारों अभ्यर्थी लंबे समय तक तैयारी करते हैं। परीक्षा की तारीख, पैटर्न या प्रक्रिया में बदलाव होने से उनकी तैयारी और आगे की योजना प्रभावित होती है। इसी वजह से छात्र प्रशासन से स्पष्ट कार्यक्रम और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
पटना में हुए प्रदर्शन के बाद छात्रों की मांग और सरकार की ओर से परीक्षा सुधार को लेकर उठाए गए कदमों के बीच आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। BPSC द्वारा नई परीक्षा तारीख और संशोधित प्रक्रिया की जानकारी जारी किए जाने के बाद यह स्पष्ट होगा कि छात्रों की मांगों और सरकार की नई व्यवस्था के बीच किस तरह का समाधान निकलता है।
![]()
Comments are off for this post.