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दिल्ली में खतरनाक इमारतों पर MCD की कार्रवाई तेज, 11 संपत्तियां सील और 12 पर तोड़फोड़ के आदेश

  दिल्ली में असुरक्षित और खतरनाक इमारतों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। राजधानी के अलग-अलग
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    दिल्ली में असुरक्षित और खतरनाक इमारतों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में चलाए जा रहे अभियान के तहत 11 संपत्तियों को सील किया गया है, जबकि 12 अन्य संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा कई जगहों पर अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। यह अभियान शहर के सभी 12 जोन में चलाया जा रहा है।

     

    नगर निगम की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ऐसी इमारतों की पहचान करना है, जिनसे लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। हाल के दिनों में दिल्ली में इमारतों से जुड़ी घटनाओं के बाद पुराने और कमजोर भवनों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में निगम की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में निर्माण की स्थिति, भवन की मजबूती और नियमों के पालन की जांच कर रही हैं।

     

    अभियान के दौरान केवल सीलिंग की कार्रवाई ही नहीं की जा रही है। जहां इमारत या निर्माण निर्धारित नियमों के विपरीत पाया जा रहा है, वहां तोड़फोड़ की कार्रवाई भी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों में अब तक कई निर्माणों पर कार्रवाई की जा चुकी है और आने वाले दिनों में भी अभियान जारी रहने की संभावना है।

     

    नगर निगम की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उन इमारतों की पहचान करना है, जिन्हें रहने या व्यावसायिक इस्तेमाल के लिहाज से सुरक्षित नहीं माना जा रहा। खास तौर पर ऐसी इमारतों पर नजर रखी जा रही है, जिनमें निर्माण नियमों का उल्लंघन हुआ है या जिनकी संरचनात्मक स्थिति खराब पाई गई है।

     

    दिल्ली में बड़ी संख्या में पुरानी इमारतें मौजूद हैं। कई इलाकों में समय के साथ इन भवनों में अतिरिक्त निर्माण भी किया गया है। ऐसे निर्माणों की स्थिति की जांच करना इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि किसी कमजोर ढांचे पर अतिरिक्त भार पड़ने से जोखिम बढ़ सकता है। निगम की ओर से ऐसी परिस्थितियों में संबंधित संपत्ति मालिकों को नियमों के अनुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

     

    पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में निगम की कार्रवाई लगातार बढ़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सितंबर की शुरुआत से ही खतरनाक और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान कई संपत्तियों को गिराने के साथ-साथ बड़ी संख्या में भवनों और परिसरों को सील भी किया गया है।

     

    इस अभियान में राजधानी के सभी 12 जोन को शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि कार्रवाई केवल किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है। निगम की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर उन संपत्तियों की पहचान कर रही हैं, जहां निर्माण नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा से जुड़ी समस्या सामने आती है।

     

    इससे पहले दिल्ली में पीजी और किराये की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी व्यापक जांच की गई थी। एक सर्वे में 1,355 पीजी इमारतों की जांच के दौरान तीन भवनों को visibly dangerous यानी स्पष्ट रूप से खतरनाक पाया गया था, जबकि नौ अन्य भवनों में बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत बताई गई थी।

     

    मौजूदा कार्रवाई के बीच संपत्ति मालिकों के लिए भी यह जरूरी हो गया है कि वे अपने भवन से जुड़े निर्माण और सुरक्षा नियमों की जांच कराएं। यदि किसी भवन में अनधिकृत निर्माण है या वह सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है, तो निगम की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

     

    दिल्ली में लगातार बढ़ रहे निर्माण और घनी आबादी वाले इलाकों को देखते हुए भवन सुरक्षा का मुद्दा महत्वपूर्ण बना हुआ है। खतरनाक इमारतों की समय पर पहचान और जरूरी कार्रवाई से संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों और कारोबारियों के लिए नियमों के अनुसार प्रक्रिया का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।

     

    नगर निगम का यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में असुरक्षित और अनधिकृत निर्माण की जांच के साथ जरूरत के अनुसार सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा रही है।

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