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यूपी में नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, 14 जिलों में खुलेंगे नए सरकारी कॉलेज; 840 नई सीटों से छात्रों को मिलेगा फायदा

  उत्तर प्रदेश में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने
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    उत्तर प्रदेश में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने 14 जिलों में नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज खोलने की मंजूरी दे दी है। इन कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कराई जाएगी और प्रत्येक कॉलेज में 60 सीटें प्रस्तावित हैं। इस तरह सरकारी क्षेत्र में कुल 840 नई बीएससी नर्सिंग सीटें बढ़ने जा रही हैं। नए कॉलेजों में शैक्षिक सत्र 2027-28 से पढ़ाई शुरू करने की योजना है।

     

    सरकार की इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के सरकारी संस्थानों का विस्तार करना है। अभी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। नए सरकारी कॉलेज शुरू होने के बाद संबंधित जिलों और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के नजदीक सरकारी संस्थान में पढ़ाई का अवसर मिल सकता है।

     

    जिन 14 जिलों में नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज खोलने की मंजूरी दी गई है, उनमें मिर्जापुर, हरदोई, प्रतापगढ़, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, एटा, गाजीपुर, सोनभद्र, कौशांबी, ललितपुर, लखीमपुर खीरी और बिजनौर शामिल हैं। इन कॉलेजों का संचालन संबंधित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों के तहत किया जाएगा।

     

    हर नए कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की 60 सीटें होंगी। 14 कॉलेजों को मिलाकर 840 सीटें बढ़ने का मतलब है कि सरकारी क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा की क्षमता में उल्लेखनीय इजाफा होगा। फिलहाल प्रदेश में 23 राजकीय संस्थानों में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई संचालित होने की जानकारी दी गई है, जिनमें करीब 1,400 सीटें हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में निजी नर्सिंग कॉलेज भी संचालित हो रहे हैं।

     

    नए कॉलेजों के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दी गई है। पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले उन्हें संबंधित नियामक संस्थाओं के नियमों और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मतलब है कि नए कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने से पहले शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

     

    सरकार की योजना केवल इन 14 कॉलेजों तक सीमित नहीं रहने की बात भी सामने आई है। आने वाले समय में अन्य स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी नर्सिंग कॉलेज खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। इससे प्रदेश में सरकारी नर्सिंग शिक्षा का नेटवर्क और विस्तृत होने की संभावना है।

     

    नर्सिंग क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की मांग स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ लगातार बनी रहती है। ऐसे में सरकारी संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ने से उन विद्यार्थियों के लिए विकल्प बढ़ेंगे जो बीएससी नर्सिंग करना चाहते हैं लेकिन निजी संस्थानों की फीस उनके बजट से बाहर होती है।

     

    अब इन नए कॉलेजों के लिए जरूरी शैक्षणिक ढांचे, स्टाफ, नियामकीय मंजूरियों और अन्य व्यवस्थाओं को पूरा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि निर्धारित तैयारियां समय पर पूरी होती हैं तो 2027-28 के शैक्षिक सत्र से इन 14 जिलों में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई शुरू हो सकती है।

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