Last updated: September 20th, 2026 at 01:08 pm

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच AI से बनाए गए वीडियो को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने कहा कि राजनीतिक दलों को AI वीडियो के जरिए एक-दूसरे पर हमला करने के बजाय आम लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।
बीजेपी और समाजवादी पार्टी सोशल मीडिया पर AI तकनीक से तैयार किए गए वीडियो के जरिए एक-दूसरे की नीतियों और नेताओं को निशाना बना रहे हैं। इसी विवाद के बीच ओवैसी ने राजनीतिक बहस के मुद्दों पर सवाल उठाए हैं।
ओवैसी ने मुजफ्फरनगर से लेकर एनकाउंटर तक का किया जिक्र
ओवैसी ने कहा कि अगर राजनीतिक दल गलत कामों और पुरानी घटनाओं पर चर्चा करना चाहते हैं तो मुजफ्फरनगर की घटना और उसके बाद हुए दंगों पर भी बात होनी चाहिए। उन्होंने मस्जिदों को गिराए जाने, कब्रिस्तानों को हटाए जाने और कथित फर्जी एनकाउंटर जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया।
उनका कहना था कि इन सवालों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक बहस AI वीडियो तक सिमटती जा रही है। ओवैसी ने जोर दिया कि इंसानी जिंदगी और जनता से जुड़े मुद्दों को चुनावी चर्चा में ज्यादा जगह मिलनी चाहिए।
‘AI ध्यान भटकाने का जरिया बन गया’
AIMIM प्रमुख ने बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि जब लोगों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, तब राजनीतिक दल AI के जरिए एक-दूसरे पर निशाना साधने में लगे हैं।
ओवैसी ने तंज करते हुए कहा कि AI दोनों पक्षों के लिए लोगों का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने का माध्यम बन गया है।
यूपी में बढ़ा AI आधारित राजनीतिक कंटेंट
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया राजनीतिक प्रचार का महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है। बीजेपी की ओर से AI वीडियो के जरिए अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को निशाना बनाए जाने की खबरों के बाद सपा की ओर से भी AI आधारित वीडियो जारी किए गए हैं।
इन वीडियो के जरिए सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाए गए हैं। इस तरह AI तकनीक अब राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया अभियानों का हिस्सा बनती दिखाई दे रही है।
यूपी में AIMIM भी बढ़ा रही गतिविधियां
इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने भी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाई हैं। ओवैसी के 20 सितंबर को कानपुर में जनसभा करने की बात कही गई है। इसके बाद श्रावस्ती और आजमगढ़ में भी उनके कार्यक्रम प्रस्तावित बताए गए हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दल सोशल मीडिया, डिजिटल कंटेंट और AI आधारित वीडियो के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में AI के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।
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