Last updated: September 20th, 2026 at 01:11 pm

दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के दावे के बाद चुनाव आयोग की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया है। सिब्बल ने 20 सितंबर को दावा किया था कि उन्हें भी SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस मिला है। इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को लेकर भी नोटिस जारी होने की खबरें सामने आई थीं।
अब राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी मतदाता को नोटिस मिलना अपने आप में उसका नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का संकेत नहीं है।
नोटिस क्यों भेजे गए?
आयोग के मुताबिक, SIR प्रक्रिया के तहत जारी किए गए नोटिस सिस्टम जनरेटेड हैं। इनका उद्देश्य ECINET में मतदाताओं से संबंधित जानकारी को दुरुस्त करना और डेटा में मौजूद विसंगतियों को दूर करना है।
आयोग ने साफ किया कि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से बिना सुनवाई का अवसर दिए नहीं हटाया जा सकता। यानी नोटिस मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज जमा करने का मौका मिलेगा।
एन्यूमरेशन फॉर्म के आधार पर तैयार हुई ड्राफ्ट सूची
चुनाव आयोग ने बताया कि SIR के तहत तैयार ड्राफ्ट मतदाता सूची मतदाताओं की ओर से BLO को दिए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में दर्ज जानकारी के आधार पर बनाई गई है।
यह ड्राफ्ट सूची 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित की गई थी। इसे CEO दिल्ली की वेबसाइट के अलावा संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के ERO और AERO कार्यालयों तथा मतदान केंद्रों पर भी उपलब्ध कराया गया है।
आयोग के अनुसार, उन मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं जिनका पिछली इंटेंसिव रिवीजन की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाया या लिंकिंग के दौरान किसी तरह की विसंगति सामने आई।
जवाब और दस्तावेज जमा कर सकेंगे मतदाता
नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाता संबंधित ERO या BLO के समक्ष अपना जवाब और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। इसके बाद मामले की जांच और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जाएगी।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची अंतिम सूची नहीं है। इसलिए नोटिस मिलने को सीधे तौर पर नाम हटने से जोड़ना उचित नहीं है।
4 नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, SIR 2026 के निर्धारित कार्यक्रम के तहत नोटिस से जुड़े मामलों का निपटारा 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। आयोग के अनुसार, पात्र मतदाताओं के नाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम सूची में शामिल किए जाएंगे
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