Last updated: September 22nd, 2026 at 03:15 pm

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, तीन युवकों ने कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की और उसके दोस्त को धमकाया और दोनों को अलग कर दिया। मामले में अब तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें से एक आरोपी आसिफ को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।
पुलिस के मुताबिक, लड़की सोमवार शाम अपने एक दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर में दर्शन करने पहुंची थी। करीब साढ़े सात बजे दोनों मंदिर से निकलकर पास के आस्था कुंज पार्क में गए। इसी दौरान तीन युवक उनके पास पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और दोनों नाबालिगों को पार्क में बैठने को लेकर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपियों ने उसके दोस्त को पकड़कर रखा और उसके साथ कथित तौर पर यौन हिंसा की। घटना के बाद आरोपियों ने दोनों को धमकाया और वहां से फरार हो गए। घटना की सूचना रात करीब 8:45 बजे पुलिस को PCR कॉल के माध्यम से मिली। पुलिस टीम तत्काल पार्क पहुंची और पीड़िता तथा उसके दोस्त से जानकारी ली।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा और उसकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया। मामले में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। घटनास्थल पर क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम ने जांच की तथा जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पार्क और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी की पहचान आसिफ के रूप में की। मंगलवार सुबह दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में पुलिस टीम ने उसे घेरने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने टीम पर गोली चलाई। एक गोली हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। उसे घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक उसके पास से एक अवैध पिस्टल और बाइक भी बरामद हुई।
इसके बाद पुलिस ने मामले में फरार बताए जा रहे दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान हेमंत और उसके छोटे भाई के तौर पर बताई गई है। पुलिस अब तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि तीनों आरोपी एक-दूसरे को कैसे जानते थे और घटना से पहले तथा बाद में उनकी गतिविधियां क्या थीं। पुलिस पार्क और आसपास के CCTV फुटेज, मोबाइल तकनीकी जानकारी और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी होने का दावा क्यों किया और क्या वे पहले भी इस तरह की किसी घटना में शामिल रहे हैं।
आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में है। पुलिस के अनुसार पार्क काफी बड़ा है और वहां कई स्थानों से प्रवेश और निकास के रास्ते हैं। कुछ हिस्सों में बाउंड्री और रोशनी से जुड़ी कमियां होने की बात भी सामने आई है। घटना के बाद इन व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है।
तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों के बयानों, CCTV फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्यों तथा अन्य तकनीकी जानकारी का मिलान कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
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