Last updated: September 22nd, 2026 at 03:18 pm

दिल्ली सरकार ने राजधानी में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को ‘दिल्ली पीएम सूर्य घर’ पोर्टल लॉन्च किया। इस पोर्टल के जरिए दिल्ली के लोग घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। पोर्टल पर सब्सिडी की जानकारी, अधिकृत वेंडरों की सूची और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आवेदन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लिए जा रहे हैं।
योजना के तहत केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से मिलाकर 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अधिकतम 1.56 लाख रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध होगी। केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये और दिल्ली सरकार की ओर से इतनी ही राशि दिए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि वास्तविक लाभ पात्रता और लगाए जाने वाले सिस्टम की क्षमता के अनुसार तय होगा।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, जिन घरेलू उपभोक्ताओं की औसत मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए बिना शुरुआती भुगतान के सुविधा देने की योजना है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य घरेलू बिजली खर्च को कम करने के साथ-साथ सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाना है।
सरकार ने पहले चरण में करीब 2.30 लाख परिवारों को रूफटॉप सोलर व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सीमित छत वाले घरों को ध्यान में रखते हुए 2 किलोवाट तक के छोटे सिस्टम को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
नए पोर्टल पर उपभोक्ता अपनी बिजली खपत के आधार पर सोलर सिस्टम से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं। पोर्टल पर अधिकृत विक्रेताओं की जानकारी भी उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ता योजना के तहत काम करने वाले वेंडरों की पहचान कर सकेंगे। इसके अलावा शिकायत और समस्या के समाधान के लिए भी ऑनलाइन व्यवस्था रखी गई है।
योजना में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साझा क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। दिल्ली सरकार ने ऐसे सामुदायिक क्षेत्रों में सोलर इंस्टॉलेशन के लिए मिलने वाली सहायता में बदलाव किया है। साझा क्षेत्रों में सोलर सिस्टम लगाने पर सब्सिडी को 2,000 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति किलोवाट किए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकार ने कम बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान बताया है। 0 से 200 यूनिट की श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने के बाद बिजली की खपत कम करने पर अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन मिलने की योजना है। इसका उद्देश्य घरों को बिजली की बचत के लिए प्रोत्साहित करना है।
रूफटॉप सोलर सिस्टम के रखरखाव को लेकर भी व्यवस्था बनाई गई है। अधिकृत वेंडरों द्वारा शुरुआती पांच वर्षों तक सिस्टम के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने की जानकारी दी गई है। इससे उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने के बाद उसकी देखरेख को लेकर सहायता मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली के आधिकारिक सोलर पोर्टल पर फिलहाल योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया उपलब्ध है। पोर्टल के अनुसार दिल्ली सोलर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवेदन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर स्वीकार किए जा रहे हैं। पोर्टल पर योजना के लिए 28 फरवरी 2027 तक की समयसीमा और पात्र उपभोक्ताओं की संख्या से जुड़ी जानकारी भी दी गई है।
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