Last updated: September 23rd, 2026 at 01:49 pm

दिल्ली में मानसून की विदाई के साथ वायु गुणवत्ता में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली है। बुधवार, 23 सितंबर 2026 की सुबह राजधानी का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 151 दर्ज किया गया। यह ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों में भी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती दिखाई दी है।
वायु गुणवत्ता के आंकड़ों के मुताबिक 19 सितंबर को दिल्ली का AQI 118 था। इसके बाद 20 सितंबर को यह बढ़कर 160, 21 सितंबर को 169 और 22 सितंबर को 178 तक पहुंच गया। बुधवार को सुबह दर्ज 151 का स्तर पिछले दिन की तुलना में कुछ कम रहा, लेकिन राजधानी की हवा अभी भी संतोषजनक स्थिति में नहीं है।
मौसम में बदलाव को प्रदूषण के बढ़ते स्तर से जोड़कर देखा जा रहा है। दिल्ली से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक वापसी 23 सितंबर को हो गई। बारिश और नमी में बदलाव के साथ वातावरण में प्रदूषकों के फैलाव की परिस्थितियां भी बदलती हैं। आने वाले समय में बारिश की गतिविधि कम होने और हवा की गति में बदलाव से प्रदूषण का स्तर प्रभावित हो सकता है।
बुधवार को सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मंगलवार का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार दिन के दौरान बारिश की संभावना भी बनी हुई थी। ऐसे में राजधानी के अलग-अलग इलाकों में मौसम और प्रदूषण की स्थिति में अंतर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ सर्दियों की तैयारियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मानसून के बाद अक्टूबर और नवंबर में हवा की परिस्थितियों में बदलाव के कारण प्रदूषण से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। इसी वजह से राजधानी में पहले से ही सर्दियों के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपायों की योजना बनाई गई है।
दिल्ली सरकार ने स्थायी शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था भी अधिसूचित की है। इसके तहत हर वर्ष 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कुछ उपाय लागू किए जाने का प्रावधान है। इनमें निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर नियंत्रण, कुछ परिस्थितियों में कार्यालयों में उपस्थिति सीमित करना और पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं।
हालांकि अभी दिल्ली की हवा सर्दियों के गंभीर प्रदूषण स्तर तक नहीं पहुंची है। बुधवार का 151 AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में रहा, लेकिन पिछले चार दिनों के आंकड़ों में हुई वृद्धि ने राजधानी में आने वाले हफ्तों की वायु गुणवत्ता को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। मानसून की वापसी के बाद मौसम में बदलाव के साथ प्रदूषण के स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दिल्ली के आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में भी हवा की स्थिति में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को गाजियाबाद में AQI 181 तक पहुंचा और कई इलाकों में धुंध जैसी स्थिति दिखाई दी। इससे यह संकेत मिलता है कि मानसून के बाद वायु गुणवत्ता में बदलाव केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के शहरी क्षेत्रों में भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
आने वाले दिनों में बारिश, हवा की गति, तापमान और स्थानीय प्रदूषण स्रोत दिल्ली की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे। फिलहाल राजधानी में AQI की स्थिति सामान्य से बेहतर बनाए रखने के लिए मौसम और प्रदूषण दोनों पर निगरानी जारी है।
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